आनंद परांजपे ने 14 वर्षों बाद शिवसेना में पुनः प्रवेश किया
ठाणे जिले की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है, जब पूर्व सांसद आनंद परांजपे ने राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) से इस्तीफा देकर शिवसेना में वापसी की घोषणा की। उन्होंने मुंबई के बालासाहेब भवन में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा नेतृत्वित शिवसेना में अपना आधिकारिक शामिल होना दर्ज कराया।
परांजपे ने अपनी इस वापसी को ‘‘घर वापसी’’ बताया और कहा कि उन्होंने अपना राजनीतिक करियर शिवसेना के भीतर ही बनाया था। उन्होंने शिंदे की नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक शैली की प्रशंसा करते हुए पार्टी के विचारधारा और पुराने संबंधों के प्रति अपनी भावनात्मक जुड़ाव को व्यक्त किया।
यह घोषणा समारोह शिवसेना के वरिष्ठ नेता श्रीकांत शिंदे सहित अन्य प्रमुख नेताओं की उपस्थिति में आयोजित किया गया, जहां उन्हें शाखा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया। पार्टी ने इसे ठाणे-कल्याण क्षेत्र में आगामी चुनावों के संदर्भ में शिवसेना के लिए एक बड़ा लाभ माना।
ज्ञात हो कि परांजपे ने 2012 में शिवसेना छोड़ी थी और एनसीपी में शामिल हो गए थे। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि उनका एनसीपी से हालिया निकास महाराष्ट्र विधान परिषद के अवसरों पर उन्हें अनदेखा किए जाने के कारण असंतोष से प्रेरित हो सकता है।