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गौतम बुद्ध नगर: पुलिस लाइन में 200 पुलिसकर्मियों के लिए हॉस्टल व बैरक बनाने का काम अंतिम चरण में

कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में आधारभूत संरचना को बढ़ाने का काम लगातार चल रहा है। इसके लिए 80 करोड़ से अधिक की धनराशि से थाना भवन के निर्माण से लेकर अन्य काम चल रहे हैं। पुलिस लाइन में 200 पुलिसकर्मियों के लिए हॉस्टल व बैरक बनाने का काम अंतिम चरण में है। इसके साथ ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि जनपद में 8061.87 लाख रुपये की लागत से निर्माण कार्य चल रहा है। नए वर्ष तक रिजर्व पुलिस लाइन्स में हॉस्टल से लेकर फेज-एक, सेक्टर-142 थाना, सेक्टर-113 थाना, कासना, सेक्टर-39 समेत विभिन्न थानों की बिल्डिंग व आवासीय क्षेत्र तैयार हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि रिजर्व पुलिस लाइन्स में 200 पुलिसकर्मियों के लिए के हास्टल व बैरक का निर्माण कार्य 81 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इसकी कीमत 1056.04 लाख रुपये है। फेज-1 थाना भवन का निर्माण 819.79 लाख से चल रहा है

सेक्टर-पांच में भूखंड संख्या ए- 57/1 पर 4048 वर्ग मीटर में तीन मंजिला भवन में प्रभारी निरीक्षक कार्यालय, थाना कार्यालय, डाक कक्ष, आगन्तुक कक्ष, हवालात (महिला एवं पुरूष) समेत सभी जरूरी मूल सुविधाएं होंगी। सेक्टर-142 थाना व आवासीय निर्माण के लिए प्लाट संख्या एफ-एक सेक्टर -143 की 4000 वर्ग मीटर भूमि आवंटित की गई है। सेक्टर-113 थाना भवन का निर्माण भूखंड संख्या एफसी-1 में 3060 वर्ग मीटर भूमि पर होगा। आवंटित भूमि पर निर्माण कार्य 979.31 लाख से होगा।कासना थाने के निर्माण के लिए इकोटेक-वन एक्सटेंशन मेन रोड पर खसरा संख्या 579 की 3957 वर्ग मीटर क्षेत्रफल भूमि जल्दी आवंटित हो जाएगी। जमीन आवंटन को अथारिटी से समिति गठित हो गई है। इसी तरह सेक्टर-39 थाने में 48 क्षमता का हास्टल-बैरक व विवेचना कक्ष का निर्माण कार्य 248.41 लाख रुपये से होगा। फेज-तीन थाने में 40 क्षमता का हास्टल-बैरक व विवेचना कक्ष का निर्माण कार्य 216.88 लाख रुपये से बनेंगे। उनके मुताबिक, बिसरख थाने में भी 48 क्षमता के हास्टल-बैरक व विवेचना कक्ष का निर्माण 251.19 लाख रुपये जबकि 971.12 लाख रुपये से 21 आवास बनेंगे। इसी तरह अन्य जगहों पर आवास व हाॅस्टल बनाए जाएंगे।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}