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UP-सोनभद्र में युवा किसान को सरकार ने आगे आने का दिया सुझाव,मत्स्य पालन करके कमाए लाखों का मुनाफ़ा

यूपी के सोनभद्र जिले के युवा किसान पारंपरिक खेती के साथ- साथ मत्स्य पालन से लाखों का मुनाफा अर्जित कर रहे हैं। मत्स्य पालन ले लिए मत्स्य विभाग ने इन्हें न सिर्फ अनुदान मुहैया कराया है बल्कि तकनीकी सहायता भी दे रहा है। नीली क्रांति योजना के तहत पहले से ही किसान मत्स्य पालन कर रहे हैं। वहीं अब प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत लगभग जिले के पंद्रह से अधिक किसान अनुदान का लाभ लेकर मत्स्य पालन और बिक्री कर रहे हैं। लाखों का मुनाफा कमा रहे हैं और साथ ही आत्मनिर्भर भी बन रहे हैं। सदर विकास खंड के लखनवार गांव के युवा किसान विमलेश यादव मछली पालन करके न सिर्फ आत्मनिर्भर बने हैं बल्कि लाखों का मुनाफा भी कमा रहे हैं। इस समय वे पांच तालाब में मछली का पालन कर रहें है जो चार बीघे में है। वही किसान बताते है कि मत्स्य विभाग की नीली क्रांति योजना के तहत वर्ष 2017-18 से मछली के बीज का पालन शुरू किया था। इसके लिए मत्स्य विभाग द्वारा उन्हें तालाब खोदने के लिए 60% का अनुदान दिया गया था। लगभग 2 वर्ष बाद वह कोलकाता से फंगास/प्यासी मछली का बीज बनाकर मछली पालन करने लगे।

सोनभद्र जिले के सदर विकास खंड अंतर्गत लखनवार गांव में युवा किसान ने खेती के साथ मत्स्य पालन कर नई महारथ हासिल किया है जो जिले के किसानों के लिए मिशाल बन चुके है। इसके लिए विभाग से उन्हें समय-समय पर तकनीकी सहायता भी दी गई है। मछली पालन करने वाले किसान विमलेश यादव का कहना है इस कार्य में तालाब बनाने के बाद लगभग दो सवा दो लाख की लागत लगाने पर 8 महीने बाद उन्हें लगभग 5 लाख रुपये की बचत हो जाती है। गांव के बेरोजगार युवा मछली पालन के माध्यम से रोजगार प्राप्त कर सकते हैं उन्हें गांव से बाहर जाकर नौकरी करने की आवश्यकता नहीं है, इसके लिए मत्स्य विभाग पूरी मदद करता है। वही देखा जाए तो जिले के युवा किसान के साथ ही अन्य किसानों में भी अब मत्स्य पालन को लेकर काफी रुचि दिखा रहे हैं और जगह-जगह तलाब बनकर मछली पालन का कार्य भी युवा किसानों द्वारा किया जा रहा है जिससे आमदनी तो होगी ही उसके साथ ही गांव के अन्य लोगों को बेरोजगार मुहैया हो सकेगा।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )