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UP- 655 करोड़ में बदलेगा कानपुर सेंट्रल का कायाकल्प, 3 साल में बनकर तैयार होगा विश्व स्तर के स्टेशन

यूपी के कानपुर में सरकार द्वारा चल रही स्टेशन पुनर्विकास योजना के तहत सबसे पहले भोपाल के हबीबगंज रेलवे स्टेशन को पुनर्विकसित किया जा चुका है. अभी सिर्फ तीन स्टेशनों प्रयागराज, कानपुर, ग्वालियर का बजट रेलवे को स्वीकृत हुआ है।
कानपुर सेंट्रल स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाने का जिम्मा अब एचजी इन्फ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड कंपनी को मिला है।

पुनर्विकास योजना के तहत स्टेशन के कायाकल्प और सुविधाओं के लिए कंपनी को काम आवंटित कर दिया गया. सेंट्रल के कायाकल्प के लिए प्रयागराज मंडल मुख्यालय से 655 करोड़ रुपए का काम कंपनी को दिया गया है. वैसे बजट में ही स्टेशन के कायाकल्प को बनाने का प्रावधान किया गया था. रेलवे स्टेशन के इस काम के लिए सात कंपनियों ने टेंडर डाले थे. सेंट्रल स्टेशन के कायाकल्प का काम कंपनी को तीन साल में पूरा करना होगा. स्टेशन के सिटी साइड प्रस्तावित की गई. बहुखंडीय इमारत में एक ही छत के नीचे जनरल कम रिजर्वेशन टिकट की सुविधा होगी.
कंपनी को काम मिलते ही कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर विकास का काम तेजी से देखने को मिल रहा है। यात्रियों के बैठने के लिए सुंदर सा वेटिंग रूम बनाया गया है। पीने के पानी के लिए सभी प्लेटफार्म पर फ्रीजर लगाया गया है और बुजुर्ग और दिव्यांग लोगों के लिए वीलचेयर की भी व्यवस्था की गई है।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}