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नोएडा: युवा कर रहें हैं एआई का बेहतरीन उपयोग

एआई तकनीक से भारतीय संस्कृति को बढ़ावा दे रहें हैं युवा उधमी

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नोएडा। आज के आधुनिक दौर में हर कोई एआई ( आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का इस्तेमाल कर अपने जीवन को सरल और सुगम बना रहा है। ऐसे ही एक युवा उधमी हैं असीम गुप्ता जो इस अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करके भारतीय संस्कृति और विरासत को आगे बढ़ा रहें हैं। वर्ष 2004 में आई आई टी कानपुर से बी टेक कर चुके असीम गुप्ता कई अलग अलग मल्टीनेशनल कम्पनियों में काम कर चुके हैं और कई स्टार्टअप का हिस्सा भी रह चुके हैं। इसी वर्ष असीम गुप्ता द्वारा यूडीयो ए आई (Youdio AI) नाम से एक अनोखा स्टार्टअप शुरू किया हैं। जिसके जरिए वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का इस्तेमाल करके भारतीय संस्कृति, इतिहास, कल्चर और कला को आसानी से लोगों के बीच सिनेमैटिक अंदाज में पहुंचा रहे हैं। अपने यूट्यूब चैनल “सनातन अनटोल्ड” (Sanatan Untold) पर असीम गुप्ता द्वारा एआई तकनीक के जरिए म्यूजिक वीडियो,स्टोरी वीडियो डालते हैं, असीम गुप्ता का कहना हैं की समय के साथ साथ हर कोई नयी नयी तकनीक के साथ आगे बढ़ रहा है ऐसे में वह भी इस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक के जरिए युवाओं को देश की पुरानी विरासत,कल्चर,गीत,संगीत,आध्यतम आदि को जानकारी दें रहें हैं। आगामी रक्षाबंधन के पावन पर्व पर “सनातन अनटोल्ड” के जरिए बेहद ही खूबसूरत वीडियो बनाए गए हैं जिसमें भाई बहन के बीच के पावन रिश्ते को शानदार तरीके से दर्शाया गया है। गुरुवार को सेक्टर 29 स्थित नोएडा मीडिया क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में असीम गुप्ता और उनकी टीम द्वारा अपने स्टार्टअप के माध्यम से किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी गयी,साथ ही रक्षाबंधन के मौके पर बनाए गए वीडियो भी लाँच किए गए, इस मौक़े पर उत्तर प्रदेश सरकार में दर्जा प्राप्त मंत्री कैप्टन विकास गुप्ता भी मौजूद रहे जिन्होंने सनातन को बढ़ावा दें रहे इस अनोखे स्टार्टअप की तारीफ़ की और कहा की इस तरह के युवा नयी नयी तकनीक के जरिए सनातन को बढ़ावा दें रहें हैं जो बहुत अच्छी मुहीम है और देश के सभ्यता और संस्कृति को ऐसे युवाओं की बहुत जरुरत है जो नयी तकनीक का गलत इस्तेमाल ना करके सबकी भलाई और संस्कृति और सभ्यता को बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}