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पुराने वीडियो को नोएडा प्रदर्शन से गलत तरीके से जोड़ा गया: लोगों द्वारा पुलिस वैन पर पत्थर बरसाने का मामला

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Apr 16, 2026 #webqoof
Old Video of People Pelting Stones at Police Van Falsely Linked to Noida Protest

पुराने वीडियो का गलत संदर्भ: नोएडा के प्रदर्शन से जुड़ा दावा खारिज

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस की एक वैन पर लोगों द्वारा पत्थर बरसाते हुए दिखाया गया है। इस वीडियो को वर्तमान में नोएडा में चल रहे श्रमिक प्रदर्शन से जोड़कर गलत जानकारी फैलाई जा रही है।

वीडियो के साथ साझा की गई पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों ने भारतीय सशस्त्र बलों की गाड़ी पर हमला किया और दो सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। साथ ही यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि चीन और पाकिस्तान इन प्रदर्शनों के पीछे हैं।

हालांकि, यह दावा पूरी तरह गलत है। यह वीडियो पुराना है और अक्टूबर 2025 में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर का है जहाँ एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद पुलिस की कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों ने पुलिस वैन पर पत्थरबाजी की थी।

यह घटना तब हुई जब हनुमान चौहान नामक एक व्यक्ति की मौत हुई थी। उनकी मौत के पीछे तनावास्पद परिस्थितियाँ थीं, और रोशन चौहान को मुख्य आरोपित माना गया था। पुलिस की कथित लापरवाही के खिलाफ ग्रामीणों ने सड़कों को ब्लॉक कर दिया और हनुमान के शव को मुख्य चौराहे पर रखकर विरोध जताया।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और गिरफ्तारियां कीं, साथ ही मृतक के परिवार को सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। गोरखपुर पुलिस ने भी अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर गिरफ्तारियों की पुष्टि की।

नोएडा के संदर्भ में, 16 अप्रैल तक किसी भी मौत की पुष्टि नहीं हुई है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने लगभग 396 लोगों को गिरफ्तार किया है और प्रदर्शन के दौरान हिंसा, आगजनी तथा संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामलों में कार्रवाई की गई है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि फैक्ट्री श्रमिकों के प्रदर्शन के दौरान उद्योग क्षेत्रों में पत्थरबाजी के अलग-अलग मामले सामने आए, परंतु किसी की मौत की सूचना विश्वसनीय नहीं मिली।

निष्कर्षतः, यह स्पष्ट है कि जो वीडियो सोशल मीडिया पर नोएडा प्रदर्शन से जोड़ा जा रहा है, वह वास्तविकता से कोसों दूर है और गोरखपुर की पुरानी घटना का ही हिस्सा है। ऐसी गलत सूचनाओं से बचना और तथ्य-आधारित खबरों पर ही भरोसा रखना आवश्यक है।

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Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)