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बंगाल में SIR का प्रभाव: ममता के क्षेत्र में 25% मतदानकर्ता गिरावट, सुवेंदु के क्षेत्र में मात्र 3%

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Apr 16, 2026 #Politics, #sir, #tmc
SIR Impact in Bengal: Mamata’s Seat Sees 25% Voter Drop, Suvendu’s Just 3%

बंगाल में चुनावी मतदाता सूची के पुनरीक्षण का व्यापक प्रभाव

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों से पहले किए गए विशेष तीव्र संशोधन (SIR) के दौरान लगभग 90 लाख मतदाताओं को मतदाता सूची से हटाया गया। इसके बाद राज्य के सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में कुल मतदाताओं की संख्या 6.77 करोड़ रह गई है।

इस बड़ी गिरावट का विश्लेषण विशेष रूप से उन विधानसभा क्षेत्रों में किया गया है जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी सुबेंदु अधिकारी चुनावी मुकाबले में हैं। इसका उद्देश्य यह समझना है कि किन क्षेत्रों में मतदाता संख्या में महत्वपूर्ण कमी हुई है।

भवनपुरी क्षेत्र में 25% मतदाता गिरावट
2024 के लोकसभा चुनावों में इस क्षेत्र में 2,05,487 मतदाता थे, जो विशेष संसोधन के बाद घटकर 1,55,308 रह गए। यह 50,179 मतदाताओं की कमी का परिणाम है, जो लगभग 24.42% की गिरावट दर्शाता है। भवनपुरी को 2011 से तृणमूल कांग्रेस (TMC) का गढ़ माना जाता है, जहां ममता बनर्जी बार-बार विजयी रही हैं। हालांकि, इस बार 25% मतदाता कटौती और बीजेपी के सुवेंदु अधिकारी की हिस्सेदारी के कारण बाज़ी अधिक प्रतिस्पर्धात्मक हो गई है।

नंदीग्राम में केवल 3.24% मतदाता घटाव
नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान 2,73,790 मतदाता थे, जो SIR के बाद कम होकर 2,64,917 पर आ गए। यह 8,873 मतदाताओं की गिरावट है। नंदीग्राम क्षेत्र राजनीतिक रूप से संवेदनशील रहा है, जहाँ ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी के बीच सीमित मत अंतर के साथ प्रतियोगिता होती रही है। इस बार भी दोनों इस क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं, जिसमें TMC ने पवित्र कार को उम्मीदवार बनाया है।

खड़गपुर सदर में करीब 25% कमी
खड़गपुर सदर में 2024 के लोकसभा चुनावों के समय मतदाता संख्या 2,39,468 थी, जो SIR के बाद घटकर 1,79,624 रह गई। इस प्रकार 59,844 मतदाता कम हुए हैं, जो लगभग 24.99% है। यह क्षेत्र अब बीजेपी और TMC के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है, जहाँ दिलिप घोष और प्रदीप सरकार आमने-सामने हैं।

बहरामपुर में 10.11% मतदाता कटौती
बहरामपुर विधानसभा क्षेत्र में भी 10 प्रतिशत के आसपास मतदाता संख्या घटने की सूचना मिली है। यह क्षेत्र मुख्यतः कांग्रेस का मजबूत इलाका रहा है, और इस बार अधीर रंजन चौधरी यहां से चुनाव लड़ रहे हैं।

बलीगंज में 27.08% मतदाता की गिरावट
दक्षिण कोलकाता के प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों में से एक, बलीगंज में SIR के बाद लगभग 27% मतदाता कम हुए हैं। TMC ने यहां सोवान देब चट्टोपाध्याय को मैदान में उतारा है जबकि बीजेपी ने शतरूपा को उम्मीदवार बनाया है, जिससे कड़ा मुकाबला अपेक्षित है।

अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रीय मतदाता आंकड़े:

  • बारुईपुर पश्चिम में 15.68% की कमी, जहां विधानसभा स्पीकर बिमन बनर्जी प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।
  • कोलकाता पोर्ट क्षेत्र में 30.55% की बड़ी गिरावट, जहां टीएमसी के फिरहाद हाकिम और बीजेपी के राकेश सिंह के बीच टक्कर है।
  • कलীগंज क्षेत्र में 9.02% की कमी, जहां बीमार राजनीति के विरोध में सविना यासमिन प्रबल चेहरे के रूप में उभरी हैं।
  • असंसोल दक्षिण में 16.47% की कमी, जहां तीन बार के विधायक तापस बनर्जी और भाजपा की अग्निमित्रा पाल आमने-सामने हैं।
  • शिबपुर में 19.22% मतदाता घटाव, जहां अभिनेता रुद्रनील घोष बीजेपी से चुनावी मैदान में हैं।
मुरशिदाबाद और मालदा जैसे मुस्लिम बहुल जिलों में मतदाता कटौती और चुनावी प्रतिस्पर्धा को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जहां राजनीतिक दलों के बीच कड़ी टक्कर होने की संभावना है। मुरशिदाबाद में 11.27% मतदाता घटाव देखा गया है।

विशेष तीव्र संशोधन के बाद मतदाता संख्या में हुई इन बड़े बदलावों का असर आगामी विधानसभा चुनावों में निर्णायक भूमिका निभाने की संभावना है। राजनीतिक दल इन मतदाता प्रतिशतों और कटौती के आधार पर अपनी रणनीतियों को परिष्कृत कर रहे हैं, जिससे बंगाल की सियासत में नई चुनौती और अवसर उत्पन्न होंगे।

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Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)