दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता खराब होने पर लागू किए गए GRAP-1 उपाय
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता ‘‘खराब’’ श्रेणी में पहुंचने के बाद ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत स्टेज I के उपाय लागू कर दिए हैं।
GRAP एक ऐसा उपाय है जिसे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण की स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाता है। यह प्रदूषण की सीमा पर पहुंचते ही अतिरिक्त नियंत्रण विधियों को सक्रिय करता है।
स्टेज I में मुख्य रूप से सड़कों की मैकेनिकल साफ-सफाई और धूल नियंत्रित करने हेतु पानी छिड़काव शामिल है, साथ ही कुछ निर्माण एवं ध्वस्त करने वाली गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया जाता है।
शुक्रवार सुबह 9:05 बजे तक दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 241 दर्ज किया गया, जो ‘‘खराब’’ श्रेणी में आता है, यह जानकारी समान ऐप के आंकड़ों से मिली है।
उत्तर प्रदेश के नोएडा में AQI 275, ग्रेटर नोएडा में 322 और गाजियाबाद में 329 रिकॉर्ड किए गए, जो केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के घंटे-घंटे अपडेट प्रदान करने वाले ऐप में दर्शाए गए हैं।
हरियाणा में गुरुग्राम का AQI 243 था, जो ‘‘खराब’’ श्रेणी में आता है, जबकि फरीदाबाद में यह 178 रहा।
गुरुवार को दिल्ली का औसत AQI 226 था, जो ‘‘खराब’’ श्रेणी में था।
वायु गुणवत्ता सूचकांक 0 से 50 तक ‘‘अच्छी’’ गुणवत्ता का सूचक है, 51 से 100 तक ‘‘संतोषजनक’’ और 101 से 200 तक ‘‘मध्यम’’ माना जाता है। इसके बाद सूचकांक बढ़ने पर प्रदूषण गंभीर होता जाता है और नियंत्रण के कड़े कदम उठाए जाते हैं।