कोई भी राज्य प्रतिनिधित्व से वंचित नहीं होगा: विधि मंत्री ने लोकसभा में सीमा निर्धारण पर दिए आश्वासन
केंद्रीय विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने गुरूवार को लोकसभा को बताया कि केंद्र द्वारा प्रस्तुत विधेयकों के माध्यम से निचली सदन की संख्या में 50 प्रतिशत की समकक्ष वृद्धि होगी, जो कुल 815 सीटों तक पहुंच जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इसमें से 272 सीटें, अर्थात् एक-तिहाई, महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी राज्य का प्रतिनिधित्व घटाया जाएगा नहीं।
संसद के विशेष सत्र में केंद्र सरकार ने विधानसभा क्षेत्र की सीमाओं के पुनर्निर्धारण और संसद तथा राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के आरक्षण के त्वरित कार्यान्वयन के उद्देश्य से तीन विधेयक लोकसभा में प्रस्तुत किए। मेघवाल ने 2026 संविधान एक सौ इकत्तीसवां संशोधन विधेयक एवं 2026 सीमा निर्धारण विधेयक पेश किया, वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने 2026 केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया।
इन विधेयकों पर गुरूवार को लोकसभा में मतदान भी हुआ, जिसमें सदन में उपस्थित 251 सदस्यों ने समर्थन में जबकि 185 ने विरोध में मतदान किया।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं के आरक्षण को लागू करना नहीं, बल्कि सीमा निर्धारण को ‘‘पीठ पीछे’’ कराना है। उन्होंने निर्देश दिया कि महिलाओं के आरक्षण विधेयक और सीमा निर्धारण विधेयक को अलग-अलग रखा जाना चाहिए।
यह विधेयक देश की राजनीतिक संरचना और प्रतिनिधित्व को प्रभावित करेंगे और संसदीय सदस्यता में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताए जाते हैं। इस विषय पर आगे भी संसद में विस्तृत चर्चा एवं सवाल-जवाब की संभावना है।