पुराने शहर के सीवर के पानी को शोधित करने के लिए धनवापुर में एसटीपी है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण के अनुसार, धनवापुर एसटीपी की क्षमता 218 एमएलडी है। संयंत्र की 100 एमएलडी और क्षमता बढ़ाने की तैयारी है ताकि ज्यादा गंदे पानी को शोधित किया जा सके। इसके लिए अलग से सेक्टर-107 में सब स्टेशन बनाया जा रहा है। अभी संयंत्र को दूसरे सब स्टेशन से बिजली मिलती है। ऐसे में कई बार फाॅल्ट आने से पानी शोधन में परेशानी होती है और जेनसेट की मदद लेनी पड़ती हैं। सब स्टेशन से बिजली गुल होने की समस्या दूर होगी और संयंत्र लगातार चलता रहेगा। दूसरा इससे सीवर ओवर फ्लो की समस्या से राहत मिलेगी।
सेक्टर-107 में जगह कम होने के कारण जीआईएस सब स्टेशन बनाया जा रहा है। जीआईएस सब स्टेशन में एक खास गैस का उपयोग किया जाता है। जीआईएस सब स्टेशन का आकार छोटा होता है, जिससे यह शहरी क्षेत्रों में आसानी से स्थापित किया जा सकता है। जीएमडीए के अनुसार, ग्रेप व अन्य कारणों से काम में देरी हुई है लेकिन इसे मार्च-अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जीएमडीए की प्रवक्ता ने बताया कि कार्य तेजी से चल रहा है। जीआईएस सब स्टेशन शुरू होने से बिजली गुल होने की समस्या से राहत मिलेगी। यह जीएमडीए का पहला जीआईएस सब स्टेशन होगा।

