झारखंड-बंगाल टू नोएडा : गिरफ्तार किए गए बदमाश बिहार, बंगाल व झारखंड से ट्रेन से दिल्ली आते हैं और यहां से नोएडा, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा के गांवों में रहते हैं। गांव में जाकर ये लोग कमरा ढूंढते हैं। कमरा ढूंढने के दौरान बताते हैं कि उनके माता पिता एक दो दिन में आ रहे हैं। इसके बाद वह कोई पहचान पत्र भी नहीं देते थे। एक दो दिन वहां रहते थे और कई चोरी करने के बाद वह कमरा छोड़कर भाग जाते थे।
छह से आठ आठ करोड़ के हैं मोबाइल : पुलिस का कहना है कि बदमाशों के पास से बरामद 821 मोबाइल की कीमत करीब छह से आठ करोड़ रुपये तक है। शुरुआत में इस गिरोह का कोई निश्चित ग्राहक नहीं होते थे और ये लोग तोल मोल कर कम कीमत में बेच देते थे। लेकिन अब इस गैंग के निश्चित सदस्य भी बन गए हैं। ये लोग एक साथ निकलते हें और चोरी के दौरान स्थान बदलते रहते हैं। चोरी करने के बाद एक दूसरे को चोरी का मोबाइल थमा देते हैं। ताकि अगर कोई पकड़ ले या पहचान ले तब उसके पास मोबाइल न मिले।
इस तरह से करते थे चोरी
– गिरफ्तार आरोपी व संरक्षण में लिए गए नाबालिग नियमित रूप से लगने वाली मंडी व साप्ताहिक बाजार में आने वाले ग्राहकों को टारगेट करते थे।
– सभी आरोपी ग्राहकों का ध्यान भंग होने की प्रतीक्षा करते थे व थोड़ी सी भी चूक होने पर तुरंत मोबाइल फोन चोरी करके गायब हो जाते थे।
– आरोपी समूह में कार्य करते थे तथा मोबाइल चुरा लेने के बाद दूसरे साथी को थमा देते थे।
– मोबाइल चोरी करने के बाद ट्रेन के माध्यम से चोरी के मोबाइल फोन बेचने के लिए झारखंड या बिहार वापस चले जाते थे।

