ग्रेटर नोएडा। जिलाधिकारी ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में नार्को कोर्डिनेशन सेंटर के तहत गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक की। डीएम ने कहा है कि युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखना है। जो लोग ड्रग्स एडिक्ट हैं, उनको चिन्हित कर रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। ताकि उनकी काउंसलिंग की जा सके। साथ ही ड्रंक एंड ड्राइव करने की घटनाओं को भी रोका जाएगा। उन्होंने 21 साल से कम उम्र के युवाओं को शराब परोसने या बेचने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
डीएम मेधा रूपम ने कहा कि यह केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। डीएम ने सख्ती के साथ कहा है कि किसी भी स्कूल, कॉलेज या शिक्षण संस्थान के आसपास सिगरेट, गुटखा और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री नहीं होनी चाहिए। वहां नियम के खिलाफ जाकर दुकान नहीं होनी चाहिए।
यदि ऐसी दुकानें पाई जाती हैं तो उन्हें तत्काल हटवाया जाए। मदिरा की दुकानों और बार में 21 साल से कम उम्र के युवा का प्रवेश नहीं होना चाहिए।
अगर कहीं पर नियम का उल्लंघन मिला तो उनका लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। जागरूकता अभियान चलाकर युवाओं को नशे से बचाना होगा। लाइसेंस के बिना चल रहे बार पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं