नोएडा। नोएडा स्टेडियम में आयोजित टेक्नोजियन वर्ल्ड कप 9.0 में मशीनों के बीच स्पर्धा के साथ समस्याओं के समाधान की किरण भी दिखी। इसमें देशभर के युवा प्रदूषण का समाधान और इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट से बचाव के उपकरण लेकर पहुंचे। इसमें कुल 150 प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए गए।
शॉर्ट सर्किट से बचाएगा एमबॉक्स
छात्रों ने एमसीबी (मिनिएचर सर्किट ब्रेकर) का अपडेट वर्जन बनाया है। आमतौर पर हर एक घर पर यह एमसीबी घर या दफ्तर की बिजली में प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसे बिहार के श्रेयस बी चंद्र, गुजरात के प्रथम, एमपी के हर्ष, बंगलुरू के गगन और निखिल, गुरुग्राम की भूमि और दिल्ली की रिद्धिमा वर्मा ने इसे तैयार किया है। उन्होंने इसका नाम एमबॉक्स रखा है। इस प्रोजेक्ट को फरवरी में बैंकॉक में और मलेशिया में स्वर्ण पदक मिला था। यह घरों में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से होने वाले शॉर्ट सर्किट से पहले ही बिजली की सप्लाई को रोक देगा।
हवा से हानिकारक तत्वों को निकालेगा
गुरुग्राम के छात्रों के समूह ने ऐसा प्रोजेक्ट तैयार किया है जो हवा में घुले हानिकारक तत्वों खासतौर पर कार्बन को तेज विंग के साथ अपनी ओर घसीटेगा और उन तत्वों को जल में छोड़कर रासायनिक प्रक्रिया कराकर उसे सीसीयू से सीओ, फोम उत्पाद, पेट्रोल, समेत अन्य तरह के उपयोगी अवयवों में परिवर्तित कर देगा। इसमें उन्होंने एडजॉस्ट सिस्टम, समेत अन्य तरह के जरूरी उपकरण लगाए हैं।
जलीय मार्गों की होगी रक्षा
रूस के इंजीनियरों ने जलीय मार्गों की रक्षा के लिए खतरा पहचान प्रणाली तैयार की है। मक्सिम, मैटवे, रायबिकिन, दमित्री ने बताया कि उन्होंने एक खतरा पहचान प्रणाली तैयार की है। यदि कोई दुश्मन देश या संदिग्ध निशाना बनाता है तो उन खतरों को आसानी से भांपा जा सकता है। इसमें कई तरह के सेंसर और कैमरे लगाए हैं। इसी तरह मोहम्मद रेहान, युवराज, मोक्क्ष, अंकित, श्रेयांस और आनंद ने एयरपोर्ट के रनवे से धातुओं को हटाने के लिए रोबोट तैयार किया है।

