महिला क्रिकेट विश्वकप विजेता टीम का हिस्सा रहीं यूपी की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा शुक्रवार को लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय पहुँचीं। यहां उन्होंने डीजीपी राजीव कृष्णा से मुलाकात की। मीडिया से बातचीत में डीएसपी दीप्ति ने बताया कि भारत में आयोजित महिला विश्वकप को लेकर पूरी टीम बेहद उत्साहित थी। उन्होंने कहा कि यह टूर्नामेंट चार साल में एक बार होता है और सभी खिलाड़ियों का लक्ष्य इसे हर हाल में जीतना था।
दीप्ति ने बताया कि लीग चरण में लगातार तीन मैच हारना टीम के लिए कठिन समय था, लेकिन इसके बावजूद सभी खिलाड़ियों ने हिम्मत नहीं हारी और वापसी की। उसी जुनून का नतीजा रहा कि टीम ने खिताब अपने नाम किया। लखनऊ पहुंचने पर दीप्ति ने अपने परिजनों के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी शिष्टाचारभेंट की।
उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल सबसे चुनौतीपूर्ण मुकाबला था। सात बार की चैंपियन टीम को हराना आसान नहीं, लेकिन पूरा दल मैच से पहले ही जीत के विश्वास के साथ मैदान में उतरा था और परिणाम सभी के सामने है। धमाकेदार जीत ने टीम को फाइनल में पहुंचाया और निर्णायक मुकाबले में भी खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन कर भारत को पहली बार महिला विश्व चैंपियन बनाया।
अपने प्रदर्शन पर बात करते हुए दीप्ति ने कहा कि विश्वकप से पहले उन्होंने जमकर मेहनत की थी और टीम मैनेजमेंट ने उन पर भरोसा जताया। वह अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनने को लेकर खुश हैं, लेकिन उनके अनुसार सबसे अहम टीम की जीत थी। उन्होंने कहा कि इस यादगार उपलब्धि को वह हमेशा सहेजकर रखेंगी।
विश्वकप जीतने के बाद प्रधानमंत्री से हुई मुलाकात का जिक्र करते हुए दीप्ति ने बताया कि पीएम ने उनसे बेहद सरलता और आत्मीयता से बात की। उन्होंने खिलाड़ियों के साथ काफी समय बिताया और भविष्य में भी ऐसे ही प्रदर्शन जारी रखने के लिए प्रेरित किया।
प्रदेश की बेटियों के लिए संदेश देते हुए दीप्ति ने कहा कि लक्ष्य तय कर मेहनत से आगे बढ़ने पर ही सफलता मिलती है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें, क्योंकि परिवार का सहयोग ही खिलाड़ी को मजबूत बनाता है।
यूपी से मिले सम्मान को लेकर उन्होंने कहा कि प्रदेश ने हमेशा उन्हें प्यार और सम्मान दिया है। पुलिस में डीएसपी बनने पर परिवार भी गर्व महसूस करता है। उन्होंने कहा कि महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए उनसे जो भी जिम्मेदारी मांगी जाएगी, उसे निभाने के लिए वे हमेशा तैयार हैं।