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बसपा का जनाधार बचाने की कोशिश—मायावती की नोएडा रैली पर सबकी निगाहें

बहुजन समाज पार्टी अपनी राजनीतिक जमीन वापस हासिल करने की कोशिशों में जुट गई है और इसी कड़ी में बसपा सुप्रीमो मायावती 14 साल बाद अपने गृह जनपद गौतमबुद्ध नगर में बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने जा रही हैं। बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस के मौके पर 6 दिसंबर को वह नोएडा में विशाल रैली कर अपनी ताकत दिखाएंगी।

मायावती मूल रूप से गौतमबुद्ध नगर के बादलपुर गांव की निवासी हैं। वह आखिरी बार अक्टूबर 2011 में बसपा शासन के दौरान राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल के उद्घाटन के लिए यहां आई थीं। लंबे अंतराल के बाद 6 दिसंबर 2025 को वह एक बार फिर इसी स्थल पर पहुंचकर संविधान निर्माता बाबा साहब आंबेडकर को श्रद्धांजलि देंगी। इस कार्यक्रम में आगरा, अलीगढ़, मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद और बरेली मंडलों से बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है।

कार्यक्रम की अनुमति प्रशासन से मिल चुकी है। मायावती खुद कई दिनों से दिल्ली में रहकर पदाधिकारियों के साथ लगातार मीटिंग कर रही हैं। गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित बैठक में रैली के होर्डिंग डिज़ाइन को अंतिम रूप दे दिया गया, जिसे छहों मंडलों के पदाधिकारियों को भेज दिया गया है। वरिष्ठ नेता सतीश मिश्रा भी राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल का दौरा कर तैयारियों की समीक्षा कर चुके हैं। माना जा रहा है कि इस रैली में आकाश आनंद भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हैं।

मायावती पिछले आठ साल से किसी भी सदन की सदस्य नहीं हैं। सहारनपुर हिंसा का मुद्दा राज्यसभा में उठाते हुए उन्होंने 18 जुलाई 2017 को सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।

2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए मायावती अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने में लगी हैं। बसपा के लिए खोया वर्चस्व वापस पाना एक बड़ी चुनौती बन चुका है। 2024 लोकसभा चुनाव में पहली बार ऐसा हुआ कि पार्टी का वोट प्रतिशत दहाई के आंकड़े तक भी नहीं पहुंच पाया और बसपा का कोई उम्मीदवार लोकसभा नहीं जीत सका। वहीं दूसरी ओर, आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद नगीना सीट जीतकर संसद पहुंच चुके हैं और लगातार अपने संगठन का विस्तार कर रहे हैं, जो बसपा के लिए नई चुनौती बन गया है।

मायावती वर्ष 2003 से बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उनके नेतृत्व का सबसे मजबूत दौर 2007 से 2012 तक रहा, जब बसपा ने उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी। 2009 के लोकसभा चुनाव में भी पार्टी ने 20 सीटों पर जीत दर्ज की थी।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)