आरटीओ देहरादून संदीप सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में एआरटीओ प्रशासन चक्रपाणि मिश्रा ने बताया कि देहरादून का राजस्व लक्ष्य के सापेक्ष 82% वसूली हुई है। जिसमें ई-वाहन, बीएच-सीरीज वाहनों के पंजीकरण में बढ़ोतरी के कारण अक्तूबर-नवंबर में लगभग 8.5 करोड़ का राजस्व नुकसान हुआ । इसके अलावा केंद्र सरकार ने वाहनों का जीएसटी 28 से 18 % कर दिया था, जिस कारण इन दो माह में 37000 वाहनों का पंजीयन हुआ लेकिन वाहनों की कीमतों में गिरावट के चलते परिवहन विभाग को करीब 35 करोड़ रुपये के टैक्स की हानि हुई।
इसी प्रकार कैश ऑन डिपॉजिट स्कीम के तहत ( जिसमें वाहन को स्क्रैप करवाकर सीओडी सर्टिफिकेट लेकर टैक्स में छूट ली जाती है) 2.5 करोड़ की छूट आवेदकों को मिली। इससे यह प्रत्यक्ष रूप से दिख रहा है की लगभग 40 करोड़ का राजस्व जो मिलना चाहिए था, इसमें कमी आई है। जो की सालाना लक्ष्य का लगभग 10 % है। ऋषिकेश-विकासनगर 90 % से ऊपर ऋषिकेश व विकासनगर का राजस्व 90 % से ऊपर रहा। टिहरी, उत्तरकाशी, रुड़की का राजस्व 85% से ऊपर रहा। उत्तरकाशी- टिहरी में वाहन पंजीयन कम हुए। इसके अलावा बकाया राजस्व पर चर्चा की गई। निर्देश दिए गए कि बकाया वाहनों को शत प्रतिशत नोटिस एवं रिकवरी जारी की जाए। साथ ही जिलाधिकारी कार्यालय से रिकवरी का मिलान किया जाए। बैठक में एआरटीओ प्रशासन रुड़की एल्विन रॉक्सी, एआरटीओ प्रशासन विकासनगर अनिल नेगी, एआरटीओ प्रशासन ऋषिकेश रावत सिंह, एआरटीओ प्रशासन टिहरी राजेंद्र विराटिया, एआरटीओ प्रशासन उत्तरकाशी रत्नाकर सिंह और एआरटीओ प्रशासन हरिद्वार निखिल शर्मा उपस्थित रहे।

