दिल्ली सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए कैबिनेट बैठक में कई फैसले लिए हैं। दिल्ली में अब केवल DTC की बसें चलेंगी, क्लस्टर या DIMTS जैसी निजी व्यवस्थाएं समाप्त होंगी। GRAP-4 प्रतिबंध हटने के बाद भी ‘नो PUC, नो फ्यूल’ नियम स्थायी रूप से लागू रहेगा, जिससे बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र वाले वाहनों को ईंधन नहीं मिलेगा। मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि ये कदम प्रदूषण नियंत्रण में मदद करेंगे।
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए कैबिनेट बैठक में महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं, जिसमें दिल्ली में बसों का परिचालन पूरी तरह दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (DTC) के तहत करने का निर्णय शामिल है, जिससे क्लस्टर या DIMTS जैसी निजी व्यवस्थाओं को समाप्त कर 100% DTC संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। यह फैसला सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाने और प्रदूषण कम करने की दिशा में उठाया गया कदम है।
इसके साथ ही DTC बस रूटों को युक्तिसंगत बनाने पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा, GRAP-4 प्रतिबंध हटने के बाद भी ‘नो PUC, नो फ्यूल’ नियम को स्थायी रूप से लागू रखने का निर्णय लिया गया, ताकि बिना वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र वाले वाहनों को ईंधन न दिया जाए और दिल्ली की हवा को स्वच्छ बनाए रखने में मदद मिले। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इन फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि ये कदम आने वाले समय में प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करेंगे।