बुधवार सुबह जब स्कूल स्टाफ ने कार्यालय में जब काम शुरू किया तो स्कूल की ऑफिशियल आईडी पर धमकी भरा ईमेल मिला। स्टाफ ने ईमेल के बारे में स्कूल के प्रधानाचार्य व प्रबंधन को सूचना दी। स्कूलों को जब ईमेल मिले तब तक बच्चे स्कूल पहुंच चुके थे या पहुंच रहे थे। ऐसे में स्कूल प्रबंधन ने बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर उनको वाहनों बैठाकर वापस घर भेज दिया। बच्चों के अभिभावकों को भी व्हाट्एप ग्रुप पर मैसेज करके व कॉल करके बच्चों के घर वापस भेजने के बारे में कहा गया। वहीं, जो अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल छोड़कर जाते हैं, उनको भी बच्चे वापस ले जाने के लिए संपर्क किया गया। ऐसे में अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल में आकर वापस ले गए। सुरक्षा के तहत स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को स्कूल परिसर से बाहर भेजा गया था।
धमकी भरी ईमेल स्कूलों को अलग-अलग समय में मिली हैं। सूचना मिलते ही पुलिस की टीमों के साथ ही बम स्क्वायड, डॉग स्क्वायड और एसडीआरएफ की टीमों ने संबंधित स्कूलों में पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया। जांच टीमों ने स्कूल परिसरों के साथ-साथ आसपास के संवेदनशील इलाकों में भी सघन तलाशी अभियान चलाया। स्कूलों के कमरों, शौचालयों, मैदानों, गमलाें से लेकर हर संभावित स्थान की बारीकी से जांच की गई। गुरुग्राम पुलिस की पांच टीमों ने सभी 13 स्कूलों में जांच की। पुलिस व अन्य टीमों को जांच में किसी भी स्कूल से कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही। फिलहाल पुलिस उस ईमेल भेजने वाले व्यक्ति की पहचान करने और धमकी के पीछे की सच्चाई जानने के लिए तकनीकी जांच में जुटी है।

