एक ओर जहां नए स्लॉट खुलते ही चंद मिनट में ही बुक हो जाते हैं वहीं, कई लोग महीनों तक प्रतीक्षा सूची में फंसे रहते हैं। यह समस्या सिर्फ युवाओं के लिए ही नहीं, बल्कि उन सभी के लिए गंभीर बन चुकी है, जिन्हें रोजगार या अन्य जरूरी कार्यों के लिए तत्काल लाइसेंस की आवश्यकता है। इस वजह से कई लोग वैध दस्तावेज के बिना वाहन चलाने को मजबूर हैं, जिससे सड़क सुरक्षा भी सुनिश्चित नहीं हो पा रही है। मुख्यालय ही कर सकता है निर्धारित स्लॉट संख्या में बदलाव स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक स्लाॅट की संख्या बढ़ाना पूरी तरह से मुख्यालय और शासन के अधिकार क्षेत्र में है। जब तक पोर्टल पर स्लॉट की संख्या नहीं बढ़ाई जाती, तब तक यह लंबी प्रतीक्षा सूची कम होना मुश्किल है। उप संभागीय परिवहन अधिकारी नंद कुमार ने बताया कि जिन लोगों को समस्याएं हो रही हैं, उनकी मदद की जा रही है और शासन को इस मुद्दे की जानकारी दी गई है
नोएडा: रोजाना करीब सौ से अधिक लोग लाइसेंस के लिए आवेदन करते हैं लेकिन रोजाना सिर्फ 6 स्लॉट ही निर्धारित
एक ओर जहां नए स्लॉट खुलते ही चंद मिनट में ही बुक हो जाते हैं वहीं, कई लोग महीनों तक प्रतीक्षा सूची में फंसे रहते हैं। यह समस्या सिर्फ युवाओं के लिए ही नहीं, बल्कि उन सभी के लिए गंभीर बन चुकी है, जिन्हें रोजगार या अन्य जरूरी कार्यों के लिए तत्काल लाइसेंस की आवश्यकता है। इस वजह से कई लोग वैध दस्तावेज के बिना वाहन चलाने को मजबूर हैं, जिससे सड़क सुरक्षा भी सुनिश्चित नहीं हो पा रही है। मुख्यालय ही कर सकता है निर्धारित स्लॉट संख्या में बदलाव स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक स्लाॅट की संख्या बढ़ाना पूरी तरह से मुख्यालय और शासन के अधिकार क्षेत्र में है। जब तक पोर्टल पर स्लॉट की संख्या नहीं बढ़ाई जाती, तब तक यह लंबी प्रतीक्षा सूची कम होना मुश्किल है। उप संभागीय परिवहन अधिकारी नंद कुमार ने बताया कि जिन लोगों को समस्याएं हो रही हैं, उनकी मदद की जा रही है और शासन को इस मुद्दे की जानकारी दी गई है

