अतल सेतु मामले में मृत्यु प्रमाणपत्र न मिलने पर विधवा ने उच्च न्यायालय में दायर की याचिका
अतल सेतु से कूद कर कथित आत्महत्या करने वाले व्यक्ति की पत्नी ने तीन नगरपालिका निकायों द्वारा मृत्यु प्रमाणपत्र जारी न करने पर बॉम्बे उच्च न्यायालय का रुख किया है। संबंधित निकायों ने क्षेत्राधिकार न होने का हवाला देते हुए प्रमाणपत्र जारी करने से इंकार कर दिया।
याचिकाकर्ता सुनैना करुतुरी ने बताया कि उनर्जन, नवी मुंबई और पनवेल नगर निगमों ने इनके अनुरोध को अस्वीकार कर दिया क्योंकि घटना उनके क्षेत्राधिकार में नहीं आती है।
उनके पति, श्रीनिवास करुतुरी, ने 23 जुलाई 2024 को ठाणे जिले के डोंबिवली स्थित अपने निवास को छोड़ा था। उनके वाहन को अगले दिन अतल सेतु पर छोड़कर पाया गया, और सीसीटीवी फुटेज में उन्हें पुल से कूदते हुए दर्शाया गया है।
अतल बिहारी वाजपेयी सेवरी–नावा शेवा अतल सेतु, जो मुंबई और नवी मुंबई को जोड़ने वाला भारत का सबसे लंबा समुद्री पुल है, अब इस कानूनी विवाद का केंद्र बन गया है।
सुनैना करुतुरी ने याचिका में कहा है कि मृत्यु प्रमाणपत्र न मिलने से उन्हें गंभीर वित्तीय कठिनाइयों और मानसिक पीड़ा का सामना करना पड़ रहा है, तथा वे परिवार पर निर्भर हो गई हैं। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि लगातार प्रमाणपत्र न जारी करना मनमाना निर्णय है और उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।
इस मामले की सुनवाई अगले सप्ताह न्यायमूर्ति रवींद्र घुगे की अध्यक्षता वाली पीठ द्वारा होने की संभावना है।
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