• Tue. Apr 28th, 2026

नोएडा एयरपोर्ट से जून के मध्य तक कॉमर्शियल उड़ानें शुरू हो सकती हैं

नोएडा एयरपोर्ट से जून के मध्य तक कॉमर्शियल उड़ानें शुरू हो सकती हैं। यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (यापल) के विदेशी सीईओ की जगह भारतीय नागरिक को कार्यवाहक सीईओ बनाने के बाद संशोधित एयरपोर्ट सिक्योरिटी प्लान (एएसपी) अनुमोदन के लिए ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सेफ्टी (बकास) को भेज दिया गया है। एएसपी को अनुमति के बाद ही एयरलाइंस अपने फ्लाइट शिड्यूल जारी कर पाएंगीं।

अधिकारियों का कहना है कि संशोधित एएसपी को बकास से एक सप्ताह में अनुमति मिल सकती है। इन अनुमति के जारी होने के बाद करीब 45 दिन का समय एयरपोर्ट प्रबंधन और एयरलाइंस कंपनियों को आवश्यक होगा। इस समय अंतराल में यात्री सेवाओं के लिए जरूरी स्टाफ के आईडी कार्ड जारी करने से लेकर अन्य व्यवस्थाएं भी करना शामिल होगा।

एयरलाइंस भी अपने फ्लाइट शेड्यूल जारी कर ऑनलाइन व ऑफलाइन टिकट बुकिंग शुरू कर पाएंगीं। फ्लाइट शेड्यूल से पता चलेगा कि यहां से किन शहरों के लिए उड़ान शुरू हो होंगी। इसे एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सर्वर पर भी अपलोड करना होगा जिससे कनेक्टिंग एयरपोर्ट के साथ डाटा को साझा किया जा सके। 

करीब 70 फ्लाइट के प्रस्ताव पूर्व में मिल चुके
यही वजह है कि एयरपोर्ट प्रबंधन जून के मध्य तक उड़ान शुरू होने की बात कह रहा है। यीडा व नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नायल) के सीईओ राकेश कुमार सिंह का कहना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कॉमर्शियल सेवाएं शुरू हो सकें। इसके लिए हर संभव प्रयास यापल और नायल के स्तर पर किया जा रहा है। एयरपोर्ट से उड़ान शुरू करने के लिए वर्तमान में करीब 70 फ्लाइट के प्रस्ताव पूर्व में मिल चुके हैं। इससे कमोबेश सभी प्रमुख शहरों के लिए उड़ान यहां से शुरू होनी हैं। इंडिगो के अलावा अकासा एयर, एयर इंडिया एक्सप्रेसवे के भी प्रस्ताव इन उड़ान के लिए हैं। जल्दी ही उड़ान यहां से शुरू हो सकेंगीं।

रोजाना हो रहा दो करोड़ से ज्यादा का नुकसान
अधिकारियों का कहना है कि उड़ान में देरी की वजह से यापल को रोजाना करीब दो करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो रहा है। एयरपोर्ट को बनाने में कंपनी ने करीब 8000 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इस निवेश के रिटर्न के अलावा अन्य खर्च को शामिल करते हुए नुकसान की गणना की गई है। यानी लगभग 70 करोड़ रुपये हर महीने का नुकसान इस देरी की वजह से उठाना पड़ रहा है। यही वजह है कि कंपनी हर संभव प्रयास उड़ान जल्दी शुरू करने के लिए कर रही है

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )