दिल्ली के सुंदर नगरी में नए भित्ति चित्र श्रमिकों को गर्मी की चपेट में दिखाते हैं
अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर, दिल्ली के सुंदर नगरी में नए सामुदायिक भित्ति चित्रों का अनावरण किया गया, जो अत्यधिक गर्मी के दौरान श्रमिकों की मुश्किल स्थिति को दर्शाते हैं। ये भित्ति चित्र न केवल गर्मी की तीव्रता को उजागर करते हैं, बल्कि श्रमिकों की बढ़ती चुनौतियों पर भी रोशनी डालते हैं।
ग्रीनपीस इंडिया की इस पहल का उद्देश्य गर्मी की लहरों को राष्ट्रीय आपदा के रूप में मान्यता दिलाना है। उनका कहना है कि इससे सरकार को फंडिंग और ठोस कदम उठाने में सहायता मिलेगी, ताकि श्रमिकों को इस संकट से बचाया जा सके।
भारत में लगातार बढ़ती गर्मी की लहरें श्रमिकों के स्वास्थ्य और जीवन पर गंभीर प्रभाव डाल रही हैं। खुले में काम करने वाले मजदूरों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक मौजूद है, क्योंकि वे तेज गर्मी के बीच अधिक समय बिताते हैं।
ग्रीनपीस इंडिया ने कहा है कि राज्य और केंद्र सरकारों को मिलकर श्रमिकों के लिए ठंडी छायादार जगहें, पर्याप्त पानी, और स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करनी चाहिए। इसके अलावा, काम के समय में बदलाव और शेड्यूल में लचीलापन भी आवश्यक है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन के कारण गर्मी की तीव्रता और अवधि दोनों बढ़ रही हैं, जिससे श्रमिक वर्ग को विशेष रूप से जोखिम का सामना करना पड़ रहा है। इस नई पहल के माध्यम से ग्रीनपीस न केवल सरकारों को सक्रिय करने का प्रयास कर रहा है, बल्कि सार्वजनिक जागरूकता भी बढ़ाना चाहता है।
यह भित्ति चित्र केवल कला का हिस्सा नहीं, बल्कि एक सशक्त सामाजिक संदेश हैं, जो कामगारों की सुरक्षा के प्रति समर्पण और तत्काल कार्रवाई की मांग करते हैं। इस मुहिम से उम्मीद की जा रही है कि देशव्यापी नीतिगत बदलाव आएंगे जो श्रमिकों के जीवन में सुधार लाएंगे।