दिल्ली सरकार ने वोकेशनल टीचर्स के वेतन में ऐतिहासिक वृद्धि की घोषणा की
नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को कैबिनेट की बैठक के बाद घोषणा की कि दिल्ली सरकार ने वोकेशनल टीचर्स और समग्र शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत शिक्षकों के वेतन में महत्वपूर्ण वृद्धि को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय शिक्षा क्षेत्र में सुधार और शिक्षकों की भलाई को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वेतन वृद्धि का लाभ विशेष प्रशिक्षण केंद्रों में कार्यरत उन शिक्षकों को भी मिलेगा, जो स्कूल छोड़ चुके या कभी स्कूल नहीं गए बच्चों को पुनः शिक्षा प्रणाली में शामिल करने का काम करते हैं। दिल्ली में लगभग 1,131 वोकेशनल टीचर्स जिन्होंने कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया है, अब 20,000 से 23,000 रुपए के बजाय 38,100 रुपए प्रति माह वेतन प्राप्त करेंगे।
इसी प्रकार, समग्र शिक्षा अभियान के तहत 784 केंद्रों में कार्यरत शिक्षकों के वेतन को भी 21,000 रुपए से बढ़ाकर 35,420 रुपए प्रति माह कर दिया गया है। ये केंद्र उन बच्चों के लिए हैं जो मुख्यधारा की शिक्षा से बाहर हैं और उन्हें फिर से स्कूल प्रणाली में लाना प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि संशोधित वेतन के बाद समग्र शिक्षा के शिक्षक अब प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षकों के बराबर वेतन पाने के पात्र होंगे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह वेतन वृद्धि केवल आर्थिक पहलू नहीं है, बल्कि उन शिक्षकों के समर्पण और मेहनत की सराहना भी है जो कठिन परिस्थितियों में काम करते हुए बच्चों को शिक्षा के दायरे में लाने का योगदान दे रहे हैं। इस कदम से शिक्षकों का आर्थिक सुरक्षा स्तर बेहतर होगा और उनका मनोबल भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि प्रेरित और संतुष्ट शिक्षक ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर सकते हैं।
सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि यहाँ कोई भी बच्चा शिक्षा व्यवस्था से वंचित न रहे। विशेष प्रशिक्षण केंद्र, जिनमें वे शिक्षक कार्यरत हैं, उन बच्चों के लिए जीवन रेखा साबित होते हैं जो कभी स्कूल नहीं गए या स्कूल छोड़ चुके हैं। ऐसे बच्चों को मुख्यधारा में वापस लाना सरकार की प्राथमिकता है और इस प्रयास में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने यह भी कहा कि नियमित निगरानी, अभिभावकों की काउंसलिंग तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के माध्यम से इन केंद्रों की गुणवत्ता में सुधार के प्रयास निरंतर जारी हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल बच्चों का दाखिला कराना ही उद्देश्य नहीं, बल्कि उन्हें सीखने के लिए प्रेरित करना और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाना भी उतना ही आवश्यक है।
अंत में, मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सुधार और नवाचार के लिए प्रतिबद्ध है और इस वेतन वृद्धि को उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जाना चाहिए।