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एसबीआई ने किफायती गृह परिभाषा की समीक्षा की मांग की, औसत ऋण आकार में वृद्धि का हवाला दिया

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May 9, 2026 #source
SBI pitches for review of affordable home definition, cites jump in average loan size

सरकार से किफायती आवास की परिभाषा पुनः परिभाषित करने की अपील

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के अध्यक्ष सी एस सेठी ने किफायती आवास की वर्तमान परिभाषा को पुनः परखने की आवश्यकता जताई है। उन्होंने बताया कि घरों की औसत ऋण राशि पिछले दो वर्षों में 35-40 लाख रुपए से बढ़कर 51 लाख रुपए हो गई है, जो आवासीय क्षेत्र में लागत वृद्धि का स्पष्ट संकेत है।

सेठी ने कहा कि आवास की बढ़ती कीमतों को देखते हुए, किफायती आवास की सीमा और मानदंडों पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। यह न केवल गृह खरीदारों के लिए बल्कि ऋणदाताओं के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे नीतिगत प्रोत्साहनों का निर्धारण प्रभावित होता है।

किफायती आवास योजना के अंतर्गत आने वाले घरों की सावधानीपूर्वक पुनः समीक्षा करने से सरकार द्वारा योजनाओं को बेहतर ढंग से लक्षित करना संभव होगा। इससे सुनिश्चित होगा कि वास्तव में जरूरतमंद वर्गों को आवास मिल सके और बाजार की बदलती स्थिति के अनुरूप नीतियां तैयार हों।

एसबीआई प्रमुख ने यह भी उल्लेख किया कि आवास क्षेत्र में लागत वृद्धि के कारण ऋणदाता संस्थानों की वित्तीय जिम्मेदारियों में भी बदलाव आता है, जिससे घरेलू मार्केट में स्थिरता बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।

पिछले कुछ वर्षों में, घरेलू ऋण के आकार में बढ़ोतरी ने इस क्षेत्र की जटिलताओं को उजागर किया है। इस संदर्भ में, नीति निर्माताओं के सामने एक व्यापक और सटीक परिभाषा का निर्धारण आवश्यक है जिससे आवास योजनाएं प्रभावी रूप से काम कर सकें।

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Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)