गोवा में ईडी की कार्रवाई को लेकर आम आदमी पार्टी का केंद्र सरकार पर कड़ा आरोप
नई दिल्ली। दिल्ली और गोवा में आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं तथा कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाइयों ने राजनीतिक विवादों को तेज कर दिया है। आप ने केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा है।
पार्टी के वरिष्ठ पदधारकों का दावा है कि विपक्षी दलों की राजनीतिक गतिविधियों को दबाने और उन्हें भयभीत करने के लिए ईडी, सीबीआई और अन्य केंद्रीय संस्थाओं का राजनीतिक हथियार की तरह उपयोग किया जा रहा है। आप की नेता आतिशी ने कहा है कि पिछले वर्षों में पश्चिम बंगाल में हुई केंद्रीय एजेंसियों की मनमानी के समान ही अब ये दमन पंजाब और गोवा में भी जारी है।
आतिशी ने बताया कि गोवा में आप की जनप्रियता बढ़ती जा रही है, इसलिए भाजपा ने ‘‘अपने वफादार एजेंट’’ के रूप में ईडी को वहां सक्रिय कर दिया है। उन्होंने कहा कि गोवा में आप के सह-प्रभारी दीपक सिंगला सहित अनेक स्वयंसेवकों के आवासों पर ईडी ने छापेमारी की है। यह कार्रवाई केवल पार्टी कार्यकर्ताओं को डराने तक सीमित नहीं, बल्कि संगठन के महत्वपूर्ण डेटा और रणनीतिक सूचनाएं हासिल करने की मंशा भी प्रकट करती है।
आप के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने भी केंद्र सरकार पर तीखे शब्दों में हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विपक्षी नेताओं को चुनाव जीतने से रोकने के उद्देश्य से ईडी, सीबीआई और चुनाव आयोग जैसी स्वतंत्र संस्थाओं को अपने ‘‘पर्सनल गुंडों की तरह’’ प्रयोग कर रहे हैं। सिसोदिया ने कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को परेशान करने में ये संस्थाएं इस्तेमाल हो सकती हैं, लेकिन इससे अर्थव्यवस्था की गिरावट और रुपए की कमजोरी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकेगा।
इसी क्रम में आप के नेता सौरभ भारद्वाज ने भी सोशल मीडिया के जरिए ईडी की कार्रवाइयों पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि गोवा के सह-प्रभारी दीपक सिंगला के दिल्ली एवं गोवा में विभिन्न स्थानों पर ईडी ने छापेमारी की है। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि आप के नेताओं को निरंतर ईडी, सीबीआई, एसीबी जैसी एजेंसियों के माध्यम से निशाना बनाया जा रहा है। विपक्ष लगातार यह मानता रहा है कि जांच एजेंसियों का प्रयोग राजनीतिक दबाव बनाने के लिए हो रहा है, जो लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है।