बांद्रा में अवैध कब्जा उन्मूलन अभियान हुआ हिंसक, पुलिस और स्थानीय निवासियों के बीच झड़पें
मुंबई के बांद्रा क्षेत्र में चल रहे अवैध कब्जा उन्मूलन अभियान के दौरान बुधवार दोपहर पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच हिंसक संघर्ष हो गया। अधिकारी द्वारा कथित अवैध धार्मिक संरचना ध्वस्त करने के बाद मौजूद जनता ने विरोध प्रदर्शित किया, जिससे तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई।
यह अभियान पश्चिम रेलवे द्वारा बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देशानुसार गरिब नगर के झुग्गी-झोपड़ी इलाके में अवैध कब्जे हटाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। क्षेत्र में लगभग 5,200 वर्ग मीटर रेलवे भूमि पर अवैध निर्माण पर कार्रवाई की गई है, जिसके तहत पांच दिनों की योजना के दौरान कई झोपड़ियां भी हटाई जा चुकी हैं।
अभियान के दूसरे दिन अधिकारियों ने स्थानीय लोगों द्वारा गरिब नगर सुन्नी मस्जिद के रूप में पहचानी गई तीन मंजिला अवैध इमारत को ध्वस्त किया। स्थानीय निवासियों का दावा है कि उन्हें अपने सामान हटाने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया, जिससे तनाव उत्पन्न हुआ।
ध्वस्तीकरण के दौरान बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। इस दौरान कई लोग, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, चोटिल हुए। इसके बाद कुछ स्थानीय निवासियों ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिसमें एक पुलिसकर्मी घायल हो गया।
पत्थरबाजी में शामिल करीब 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है। स्थिति संभालने के लिए लगभग 1,000 पुलिसकर्मी, जिनमें नगर पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल और सरकारी रेलवे पुलिस शामिल हैं, मौके पर तैनात किए गए थे। तनावपूर्ण स्थिति कुछ समय तक बनी रही, लेकिन बाद में नियंत्रण में आ गई।
यह अभियान रेल जमीन पर अवैध कब्जे हटाने के लिए एक व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में नियम और व्यवस्था स्थापित करना है। अधिकारियों ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और विवाद से बचने की अपील की है।