महाराष्ट्र में बढ़ते तापमान के कारण हीटस्ट्रोक के मामले बढ़े
महाराष्ट्र में मार्च माह से कड़ी गर्मी का प्रकोप जारी है, जहां तापमान 42°C तक पहुंच चुका है। तेज गर्म हवाओं के कारण राज्य में हीटस्ट्रोक के कारण दो मृत्युप्रकरणों की पुष्टि हुई है, जबकि छह मौतें संदिग्ध बनी हुई हैं।
राज्य स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले ढाई महीनों में कुल 226 हीट-संबंधित बीमारियां दर्ज की गई हैं। विशेष रूप से 19 मई को हीटस्ट्रोक के 10 नए मामले सामने आए हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि वैश्विक तापमान में वृद्धि के कारण हीटस्ट्रोक जैसी बीमारियों में तेजी से वृद्धि हो रही है, जो गंभीर चिकित्सा स्थिति उत्पन्न कर सकती है। जब शरीर का तापमान 40°C से ऊपर चला जाता है, तो शरीर के ताप नियंत्रण में बाधा आती है, जिससे जीवन के लिए खतरा उत्पन्न हो सकता है।
1 मार्च से 19 मई तक महाराष्ट्र में 226 हीटस्ट्रोक के मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से दो लोगों की पुष्टि मौत हुई है और छह मौतें अभी भी जांचाधीन हैं।
जिला स्तर पर देखा जाए तो छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) में सबसे ज्यादा 41 मामले सामने आए हैं, इसके बाद नंदुरबार में 24, नासिक में 19, बुलढाणा में 17 और अमरावती में 16 मामले दर्ज हुए हैं। गौरतलब है कि ब्रिहन्मुंबई नगर निगम क्षेत्र से अभी तक कोई हीटस्ट्रोक केस या मौत की सूचना नहीं मिली है।
मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार, आने वाले सप्ताह में महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, छत्तीसगढ़ और ओडिशा सहित कई राज्यों में शुष्क और गर्म हवाओं का प्रभाव बना रहेगा। कुछ क्षेत्रों में तापमान 45°C तक पहुंचने के अनुमान हैं।
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