राजनगर एक्सटेंशन में चल रहे एएसआर रियलटेक लिमिटेड और राइट अर्थ इंफ्रा एलएलपी प्रोजेक्ट में करोड़ों की ठगी के शिकार हुए दुकान और मकान खरीदारों ने परेशान होकर जिलाधिकारी से इच्छामृत्यु मांगी है। खरीदारों ने सोमवार को जिलाधिकारी को इससे संबंधित पत्र सौंपा।
उन्होंने पुलिस पर भी हल्की धाराओं में केस दर्ज करने का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।शिकायतकर्ता संजय गर्ग का कहना है कि दोनों ग्रुपों के मालिक संदीप गुप्ता और वरुण मक्कड़ पर पुलिस सख्त कार्रवाई नहीं कर रही है। हल्की धाराएं लगाकर खरीदारों को बेवकूफ बना रही है। ऑनलाइन भुगतान में 29 करोड़ का घोटाला है, पर अप्रत्यक्ष रूप से यह इससे कई गुना बड़ा है। हम बेहद परेशान हैं। हमें इच्छामृत्यु दे दी जाए।
शिकायतकर्ता देवेेंद्र का कहना है कि करीब दो साल तक प्रोजेक्ट पूरे होने का इंतजार करते रहे और पजेशन के समय कागज फर्जी बता दिए। इसमें सबकी मिलीभगत है। सभी ने मिलकर दीपक शर्मा उर्फ नितिन शर्मा को भगा दिया है। पुलिस अभी तक उसे पकड़ नहीं पाई। इससे पहले पीड़ितों ने रविवार शाम साइट पर प्रदर्शन किया और प्रशासन से इच्छामृत्यु की मांग की थी। जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर इच्छामृत्यु की मांग करने वालों में गुलशन त्यागी, सुनीता, चंचल त्यागी, अनुज कुमार, चंदन, प्रदीप, नितिन कुमार आदि शामिल रहे।

