रूसी तेल पर बैन के बाद इसके आर्थिक नुकसान सामने आने लगे हैं। रॉयटर्स के मुताबिक जनवरी में तेल और गैस से रूस की कमाई काफी गिर सकती है।
अमेरिका समेत पश्चिमी देशों ने रूसी तेल पर बैन लगा दिया है। इस कारण रूस से तेल का निर्यात काफी कम हो गया है। यह पिछले चार महीनों में सबसे कम है। इसकी वजह यह है कि भारत ने रूस से तेल खरीदना कम कर दिया है। दिसंबर में भारत ने पिछले तीन सालों से भी कम तेल खरीदा है। रूसी तेल और गैस की सप्लाई कम होने से रूस को बड़ा झटका लगने वाला है। रॉयटर्स के मुताबिक सप्लाई में कमी से रूस की तेल और गैस से होने वाली कमाई इस जनवरी में 46% तक गिर सकती है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक 18 जनवरी को खत्म हुए चार हफ्तों में रूस ने हर दिन औसतन 31.6 लाख बैरल कच्चा तेल भेजा। यह पिछले साल अगस्त के बाद से सबसे कम निर्यात है। क्रिसमस से पहले के मुकाबले यह निर्यात हर दिन करीब 7 लाख बैरल कम है। वहीं 11 जनवरी को खत्म हुए हफ्ते के मुकाबले यह 2.6 लाख बैरल हर दिन कम है।
रूस को तेल भेजने में आ रही परेशानी
रूस को अपने तेल को खरीदारों तक पहुंचाने में दिक्कतें आ रही हैं। भारत रूस का एक बड़ा खरीदार है, लेकिन उसने भी तेल खरीदना काफी कम कर दिया है। दिसंबर में भारत का रूस से तेल आयात पिछले तीन सालों में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। यह स्थिति रूस के लिए चिंताजनक है क्योंकि तेल निर्यात उसकी अर्थव्यवस्था के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। भारत जैसे बड़े खरीदारों के कम खरीदने से रूस की कमाई पर असर पड़ रहा है।
बजट में तेल और गैस की बड़ी हिस्सेदारी
रूस के कुल बजट का लगभग 25% हिस्सा तेल और गैस इंडस्ट्री से आता है। इस साल रूस के संघीय बजट का तेल और गैस इंडस्ट्री से करीब 8.96 ट्रिलियन रूबल की कमाई होने की उम्मीद है। यह पिछले साल की 8.48 ट्रिलियन रूबल की कमाई से ज्यादा है। हालांकि, पिछले साल की कमाई उससे पिछले साल के मुकाबले 24% कम थी।