मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बृहस्पतिवार को एक कार्यक्रम में मेरठ आए थे। इसी दौरान एसआईटी में शामिल जांच अधिकारियों से उन्होंने नोएडा प्रकरण के बारे में जानकारी ली। बताया जाता है कि एसआईटी ने प्राथमिक जांच रिपोर्ट मौखिक रूप से मुख्यमंत्री को बताई है। मुख्यमंत्री ने एसआईटी से हर बिंदु पर गहनता से जांच के बाद विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है। जिलाधिकारी मेधा रूपम भी नोएडा प्राधिकरण दफ्तर पहुंचीं
एसआईटी ने आपदा प्रबंधन को लेकर कई सवाल पूछे थे। इनका जवाब जिला प्रशासन की ओर तैयार किया गया। जिलाधिकारी मेधा रूपम भी नोएडा प्राधिकरण दफ्तर पहुंची थीं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जिला प्रशासन की ओर से भी जवाबों से संबंधित रिपोर्ट एसआईटी को सौंप दी गई है। घटना के समय कंट्रोल रूम, फील्ड स्टाफ और संबंधित विभागों के बीच किस स्तर पर समन्वय था। इसका पूरा ब्यौरा दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत किया गया है है। इसमें रिस्पॉन्स टाइम, मौके पर पहुंची टीमों की तैनाती, वार रूम की भूमिका और आपात स्थिति में अपनाई गई प्रक्रिया को बिंदुवार रखा गया है। अब शुरू हुई सड़क सुरक्षा पर तैयारी
इंजीनियर मौत मामले को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-150 में सड़क सुरक्षा को लेकर तैयारी शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि सेक्टरों में सेफ्टी के लिए सड़क के दोनों ओर सीमेंट ब्लाक की बैरिकेड लगाई जाएंगी। ये काम जल्द टेंडर से शुरू करवाए जाएंगे। इसके अलावा घटना स्थल को छोड़कर बाकी पूरे सेक्टर और नोएडा के अन्य भूखंड में हो रहे गढ्ढों से पानी की निकासी की जाएगी। इसको लेकर निर्देश जारी हुए हैं। अलग-अलग वर्क सर्कल में यह काम टुकड़ों में करवाए जाएंगे।

