मुंबई में कचरा और सफाई व्यवस्था का मुद्दा अब बॉम्बे हाई कोर्ट तक पहुंच गया है। शहर की खराब सफाई को लेकर अदालत ने BMC के कामकाज पर नाराजगी जाहिर की और अधिकारियों से जवाब मांगा।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इशारों-इशारों में साफ कर दिया कि अगर सिर्फ दक्षिण मुंबई के चुनिंदा इलाकों को साफ रखा जाए और बाकी हिस्सों में गंदगी बनी रहे, तो इसे पूरे शहर की सफाई नहीं कहा जा सकता।
अदालत ने मुंबई के अलग-अलग हिस्सों की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि सफाई का काम हर वार्ड में बराबर नजर आना चाहिए। जोगेश्वरी और मलाड जैसे इलाकों में कचरे की समस्या को लेकर भी चिंता जताई गई।
मामला कांजुरमार्ग में कचरा डंप किए जाने से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई के दौरान उठा। कोर्ट ने BMC से मुंबई के सभी 24 वार्डों में सफाई की स्थिति की जानकारी देने को कहा है।
अदालत ने वार्ड अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए और यह बताने को कहा कि इलाके की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मौके पर जाकर क्या कार्रवाई की गई।
कोर्ट का साफ संदेश है कि मुंबई को साफ रखने के लिए सिर्फ कुछ वीआईपी या पॉश इलाकों पर ध्यान देना काफी नहीं है। शहर के हर हिस्से में सफाई व्यवस्था को लेकर समान गंभीरता दिखानी होगी।

