बॉम्बे हाईकोर्ट ने पूर्व डीजीपी संजय पांडे और वकील शेखर जगताप के खिलाफ दर्ज मामलों को खारिज किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र के पूर्व पुलिस महानिदेशक संजय पांडे और वकील शेखर जगताप के खिलाफ दो आपराधिक मुकदमे रद्द कर दिए हैं। ये मामले महा विकास आघाड़ी शासन के दौरान भाजपा के देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना के एकनाथ शिंदे के विरुद्ध झूठे मामले दर्ज करने की साजिश से संबंधित हैं।
न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति सुमन श्याम की पीठ ने यह निर्णय दिया। फिलहाल विस्तृत आदेश सार्वजनिक नहीं किया गया है।
कारोबार से जुड़े संजय पुणमिया ने आरोप लगाया था कि पांडे ने उनके खिलाफ 2016 में बंद किया गया आपराधिक मामला पुनः खोला था। इसके साथ ही इस मामले में बिना आधिकारिक नियुक्ति पत्र के वकील जगताप ने विशेष लोक अभियोजक के रूप में भूमिका निभाई, जिसका भी आरोप लगाया गया है।
इस मामले में पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह का भी नाम था। पुणमिया और पूर्व पुलिस प्रमुख पर वसूली का आरोप था।
अगस्त 2024 में संजय पांडे, सहायक पुलिस आयुक्त सरदार पाटिल और इंस्पेक्टर मनोहर पाटिल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें इन अधिकारियों पर पुणमिया से दबाव डालकर फडणवीस और शिंदे के खिलाफ झूठे आरोप लगाने को कहा गया था ताकि उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा सके।
बॉम्बे उच्च न्यायालय की कई न्यायाधीशों ने पांडे की याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था, जो इन मामलों को रद्द करने की मांग कर रहे थे।
यह फैसला राजनीतिक और कानूनी क्षेत्र में हुई जांच की गहराई को दर्शाता है और राज्य के उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों द्वारा न्यायिक जांच के महत्व को रेखांकित करता है।
अधिकारियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों और न्यायालय के फैसले से जुड़े विस्तृत तथ्य आने वाले समय में सार्वजनिक किए जाएंगे।