अशोक केसरवानी का नाम इलाके प्रतिष्ठित व्यापारियों में है। उनका पुत्र आयुष केसरवानी (13) प्रयागराज जनपद के शंकरगढ़ कस्बा स्थित न्यू सेंटर एकेडमी में कक्षा सात का छात्र था। गुरूवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे आयुष कोचिंग से घर आया और अपने मकान की छत पर पतंग उड़ा रहा था। इस दौरान घर के बगल में रहने वाले इरफान, जिसकी बक्सा बनाने व बेचने की दुकान है। 40 लाख रुपये की फिरौती मांगी
वहां काम करने वाले इरफान के हेल्पर कल्लू ने आयुष को बाइक सिखाने के बहाने नीचे बुलाया। परिचित होने के कारण आयुष नीचे आया, तो आयुष को बाइक देकर कल्लू उसके पीछे बैठा और वहां से चला गया। रात करीब साढ़े आठ बजे पिता अशोक के मोबाइल पर फोन आया और बताया गया कि आयुष का अपहरण हो गया है और 40 लाख रुपये का इंतजाम कर मऊ-बरगढ़ के बीच घाटी पर पैसा लेकर आना है। शौचालय की फर्श ताजा बनी मिली
यह सुनकर अशोक दंग रह गए। उन्होंने अपने परिचित व पूर्व प्रधान प्रकाश केसरवानी को बताया, तो इसकी सूचना एसपी चित्रकूट को दी गई। पुलिस पहुंची और छानबीन शुरू हुई, तो आयुष के गायब होने में इरफान व कल्लू का नाम आया। कल्लू के साथ आयुष की सीसीटीवी फुटेज भी आ गई। शंका पर पुलिस ने बक्से की दुकान में जांच शुरू की, तो शौचालय की फर्श ताजा बनी हुई पाई गई। शंका पर फर्श को तोड़ा गया, तो सीट के नीचे आयुष की लाश मिली।

