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नोएडा: पेड़ पर दर्जनों कबूतरों की मौत

नोएडा के शहदरा एफएनजी रोड स्थित एक पेड़ से सटे बिजली के खंभे से आए करंट के चलते पेड़ पर मौजूद दर्जनों कबूतरों की मौत हो गई। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार विद्युत निगम की बड़ी लापरवाही के चलते इन कबूतरों की मौत हो गई।

इस वीडियो को लेकर जब स्थानीय लोगों से बात की तो सेक्टर 141 गढ़ी शहदरा के ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष सुभाष भाटी ने बताया कि 31 जनवरी को एक पेड़ में करीब 30-35 कबूतर बैठे थे। दावा है कि अचानक से पेड़ से सटे खंभे के जरिए बिजली उतरने से उन दर्जनों कबूतरों की तत्काल मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने घटना का वीडियो बना लिया। वहीं जब उन्हें इस घटना के बारे में पता चला तो उन्होंने वि्दुयत निगम के अधिकारियों को वीडियो भेजकर घटना के बारे में अवगत कराया।

दावा यह भी है कि लगातार यही स्थिति पिछले काफी समय से बने रहने के कारण पेड़ भी सूख गया। वहीं इस घटना के बाद विद्युत निगम द्वारा पेड़ को वहां से हटा दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम का एक 14 सेकेंड का वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में जीपीएस लोकेशन के तहत जानकारी भी लिखी है। इससे साफ है कि वीडियो 31 जनवरी की सुबह 9:28 बजे का है। 

तब पीछे से वीडियो बना रहे एक स्थानीय व्यक्ति की आवाज आ रही है कि यहां पर सैकड़ों कबूतरों की मौत हो चुकी है, आय दिन यहां करंट लगने के मामले आते रहते हैं। हालांकि इन कबूतरों की मौत करंट की चपेट से हुई है, इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं। वहीं जब इस पूरे मामले को लेकर विद्युत निगम के अधिकारियों की राय जानने का प्रयास किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो सका।

पहले शिकायत का लेते संज्ञान तो बच जाते कबूतर
सुभाष भाटी ने बताया कि इसको लेकर स्थानीय लोगों की ओर से पहले भी विद्युत निगम के अधिकारियों को करंट उतरने की शिकायत की गई थी। उन्हें आगाह भी किया गया था कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन उन्होंने कोई सुध नहीं ली। स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि विद्युत निगम ने उसी वक्त इस बात का संज्ञान लिया होता तो शायद उन कबूतरों की जान बच सकती थी।

इस घटना के बाद मौके पर स्थिति का जायजा लेने पशुपालन विभाग के अधिकारी पहुंचे। हालांकि प्राधिकरण के कर्मचारी और विद्युत निगम ने मामले से पल्ला झाड़ लिया। हादसे में शामिल पेड़ को काट दिया गया है। मौके पर कुछ कबूतर जरूर मिले, लेकिन तीन दिन बीत जाने के बाद उनमें से पोस्टमार्टम करने लायक कोई नहीं बचा।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )