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नोएडा: गणेशोत्सव का समापन भव्य प्रतिमा विसर्जन यात्रा के साथ हुआ

नोएडा: शनिवार को उद्योग विहार सेक्टर-82 में गणेशोत्सव का समापन भव्य प्रतिमा विसर्जन यात्रा के साथ हुआ। हजारों की संख्या में सोसाइटी निवासियों, श्रद्धालुओं और समाजसेवियों की सहभागिता ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।

पूरे उद्योग विहार में ढोल-नगाड़ों, भक्ति गीतों और “गणपति बप्पा मोरया” के गगनभेदी नारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। पूजन-अर्चन के पश्चात गणेश प्रतिमा का विधिवत विसर्जन किया गया, जिसमें महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ भाग लिया। पूरा उद्योग विहार एक परिवार बनकर “अगले बरस तू जल्दी आ” के जयकारों से गूंजता रहा।

कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इतनी विशाल भीड़ के बावजूद आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण और अनुशासित ढंग से संपन्न हुआ। यह आयोजन उद्योग विहार के इतिहास का सबसे बड़ा और भव्य गणेशोत्सव सिद्ध हुआ, जिसने आस्था, भक्ति और सामाजिक एकता का अद्भुत संदेश दिया।

जनसेवा ग्रुप के सदस्यों का विशेष आभार व्यक्त किया गया, जिन्होंने एकजुट होकर इस आयोजन को सफल बनाया। विशेष रूप से महेंद्र कुमार, सुधाकर तिवारी, रंजन भाई, सुरेंद्र भाई, नीरज भाई और विपिन गिरी सहित उन सभी भाइयों का उल्लेखनीय योगदान रहा, जिन्होंने पहल कर इस आयोजन को पूरे उद्योग विहार का उत्सव बना दिया।

अंत में सभी निवासियों को धन्यवाद देते हुए rwa अध्यक्ष मयंक चौहान ने कहा कि इस आयोजन ने सोसाइटी की रौनक फिर से लौटा दी है और आगे भी उद्योग विहार परिवार एकजुट होकर सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेता रहेगा।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}