सोने और चांदी से जुड़े एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में 22 जनवरी 2026 को तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे कई ETF स्कीमों के दाम करीब 12% तक टूट गए। गुरुवार के कारोबारी सत्र में सोना और चांदी की कीमतों में आई कमजोरी का सीधा असर इन ETFs पर देखने को मिला।
टाटा सिल्वर ETF में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई, जबकि अन्य प्रमुख गोल्ड और सिल्वर ETF भी दबाव में रहे। इस अचानक आई गिरावट के बाद निवेशकों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि क्या यह गिरावट खरीदारी का मौका है या बाजार में अभी और कमजोरी आ सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ग्लोबल स्तर पर सेफ-हेवन निवेश की मांग में कमी और भू-राजनीतिक तनावों में नरमी इसका प्रमुख कारण रही। अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान के बाद बाजार में अनिश्चितता कम हुई, जिससे सोना और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग घटी। इसका सीधा असर इनके दामों और ETFs पर पड़ा।
हाल के दिनों में सोना और चांदी ने रिकॉर्ड स्तर छुए थे, ऐसे में कई निवेशकों ने मुनाफावसूली भी की, जिससे बिकवाली का दबाव बढ़ा और कीमतों में तेज गिरावट आई।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह गिरावट किसी बड़ी बुनियादी कमजोरी का संकेत नहीं है, बल्कि बाजार की भावनाओं से जुड़ा करेक्शन है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी में फैसला न लें और बाजार की दिशा को समझकर ही रणनीति बनाएं। कुछ विशेषज्ञ इसे चरणबद्ध निवेश का अवसर मान रहे हैं, जबकि अन्य आगे की चाल स्पष्ट होने तक इंतजार करने की सलाह दे रहे हैं।