प्रधानमंत्री के ऊर्जा बचत आह्वान पर भाजपा का सजीव उदाहरण
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘‘ऊर्जा बचत’’ के आह्वान पर भाजपा प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री खुद इस दिशा में उदाहरण स्थापित कर रहे हैं, जिससे देशभर के नेता एवं कार्यकर्ता प्रेरित हो रहे हैं। साथ ही हिजाब विवाद, सनातन धर्म और केरल की राजनीतिक स्थिति पर उन्होंने कांग्रेस तथा विपक्षी दलों की आलोचना की।
प्रेम शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री का काफिला अब केवल दो गाड़ियों तक सीमित है। उनकी इसी सादगी को देख कर विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी अपने काफिलों की संख्या घटाई है। उदाहरण के तौर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बाइक से आवागमन कर रहे हैं, जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने काफिले में शामिल वाहनों की संख्या कम कर दी है। गृह मंत्री अमित शाह व कई अन्य मंत्रियों ने भी इस पहल का अनुसरण किया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी के ऊर्जा बचत के संदेश का प्रभाव भाजपा के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से लेकर आम जनता तक दिखाई दे रहा है। यह एक सकारात्मक परिवर्तन का संकेत है जो देश में ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देगा।
कर्नाटक सरकार के हिजाब मामले पर बोलते हुए प्रेम शुक्ला ने कहा कि यदि हिजाब को अनुमति नहीं दी जाती तो उनका वोट बैंक नाराज हो जाता। उन्होंने कलावा और हिजाब की तुलना को अनुचित बताया। प्रेम शुक्ला ने सवाल उठाया कि पर्दे को यदि कुप्रथा माना जाता है तो हिजाब को एक अच्छी प्रथा कैसे माना जा सकता है? यह स्पष्ट रूप से उनके दिमाग की व्याख्या करता है।
उन्होंने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि हिजाब और कलावा की तुलना करके उनकी सेक्युलरिज़्म की नीयत उजागर हो जाती है। यह रूप से उनके खेमे की असली सोच को सामने लाता है।
सनातन धर्म के संदर्भ में उदयनिधि स्टालिन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रेम शुक्ला ने कहा कि सनातन धर्म को लेकर दिए गए उनके बयानों ने उनकी सरकार का पतन निश्चित कर दिया है। इसके बाद भी उनका परिवार सुधरने को तैयार नहीं है। सनातन को खत्म करने की कोशिश करने वाले आज कब्रों में पड़े हैं। स्टालिन सनातन को समाप्त नहीं कर पाएंगे, बल्कि अंततः वे खुद विफल हो जाएंगे।
केरल के मुख्यमंत्री चुनाव के विषय में प्रेम शुक्ला ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अपनी इच्छा से मुख्यमंत्री पद का चयन नहीं करवा पा रहे हैं। आलाकमान के नेतृत्व में उनकी स्थिति कमजोर होती जा रही है। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के के. सी. वेणुगोपाल को भी झुकना पड़ा और वे सीएम नहीं बन सके। यह परिदृश्य कांग्रेस के नेतृत्व पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।