बास्केटबॉल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा देने की पहल करते हुए उल्हास युवीपेप बास्केटबॉल अकादमी (UYBA) ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। जिसमें अकादमी द्वारा बास्केटबॉल के युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने के लिए विशेष ट्रेनिंग कैंप का आयोजन किया जा रहा है जिसके लिए इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम और लंदन लायंस (यूरोलीग/यूरोकप) के हेड कोच क्लाइव कास्टिलो भारत पहुंच चुके हैं, जहां वे देश के उभरते खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण देंगे।
चार दिवसीय ट्रेनिंग कैंप को लेकर अकादमी के पदाधिकारियों ने सेक्टर 21 ए स्थित इंडोर स्टेडियम में प्रेसवार्ता की और आयोजन के बारे में विस्तार से चर्चा की। अकादमी के को-फाउंडर उल्हास के.एस. ने प्रेसवार्ता के दौरान जानकारी देते हुए बताया कि स्पोर्ट्स सोल के सहयोग से आयोजित यह 4-दिवसीय प्रो-लेवल एलीट कैंप नोएडा इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया जा रहा है।
इस पहल के माध्यम से यूरोप की आधुनिक और पेशेवर बास्केटबॉल तकनीकों को सीधे भारतीय खिलाड़ियों तक पहुंचाया जा रहा है। यूरोलीग हेड कोचेस बोर्ड (EHCB) से प्रमाणित कोच कास्टिलो खिलाड़ियों को वही ट्रेनिंग देंगे, जो यूके और यूरोप में कॉलेज बास्केटबॉल के लिए आवश्यक मानी जाती है। UYBA की इस पहल को एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जहां अब खिलाड़ियों को विदेश जाने के बजाय अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग अपने देश में ही उपलब्ध हो रही है। कैंप का आयोजन 19 से 22 अप्रैल के बीच किया जाएगा जिसमें दोपहर 1.30 बजे से 5 बजे तक पहला सत्र और शाम 5 बजे से 8 बजे तक दूसरा सत्र आयोजित किया जाएगा, कैंप में 10 वर्ष से 20 वर्ष आयु तक के लड़के और लड़कियां शामिल हो सकते हैं।
कैंप में खिलाड़ियों को मिलेंगी बेहतरीन सुविधाएं*स्पोर्ट्स सोल के डायरेक्टर तुषार अरोड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि ट्रेनिंग कैंप में हिस्सा लेने वाले सभी खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय कोच क्लाइव कास्टिलो द्वारा एलीट प्रशिक्षण,प्रतिस्पर्धी मैच प्ले और गेम सिचुएशन अभ्यास,फिजियोथेरेपी, पोषण एवं प्रदर्शन विश्लेषण,आधिकारिक UYBA जर्सी और प्रमाण पत्र दिए जायेंगे।यह कैंप उन खिलाड़ियों के लिए सुनहरा अवसर साबित हो सकता है, जो यूरोपीय स्तर की तकनीक, निष्पक्ष मार्गदर्शन और अंतरराष्ट्रीय अवसरों की तलाश में हैं। यह पहल भारतीय बास्केटबॉल को वैश्विक मंच से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।