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नोएडा हिंसा मामला: STF ने मुख्य साजिशकर्ता को दबोचा

नोएडा श्रमिक आंदोलन: नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में हाल ही में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शनों के मामले में उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UPSTF) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आंदोलन के मुख्य अभियुक्त आदित्य आनंद को तमिलनाडु से गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में यह सामने आया है कि इस आंदोलन की आड़ में औद्योगिक शांति भंग करने की एक बड़ी साजिश रची गई थी। बता दें कि आंदोलन के दौरान करीब 1050 लोगों को जेल भेजा गया था और जांच में केवल 62 लोगों को मुख्य रूप से हिंसा, आगजनी और भीड़ को उकसाने का आरोपी पाया गया है और बाकी अधिकांश आरोपियों पर केवल शांतिभंग (Breach of Peace) करने की धाराएं लगाई गई हैं और प्रक्रिया के तहत अब तक 299 लोगों की जमानत मंजूर हो चुकी है और उनकी रिहाई हो गई है, जबकि शेष लोगों के लिए कानूनी प्रक्रिया जारी है।

जांच में हुए बड़े खुलासे?

एसटीएफ की जांच में खुलासा हुआ कि गिरफ्तार किए गए लोगों में से एक बड़ी संख्या (लगभग 45 लोग) वास्तविक श्रमिक नहीं थे, बल्कि बाहरी तत्व थे और पुलिस का दावा है कि यह आंदोलन श्रमिकों की मांगों के बजाय नोएडा की आर्थिक गतिविधियों को नुकसान पहुँचाने के लिए रचा गया एक सुनियोजित षड्यंत्र था और हिंसा फैलाने के लिए पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों से लोग और महिलाएं बुलाई गई थीं। इसमें कुछ संदिग्ध राजनीतिक विचारधाराओं और अर्बन नक्सल संगठनों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और पुलिस के अनुसार, भ्रामक जानकारी फैलाने के लिए सोशल मीडिया अकाउंट्स (जिनमें कुछ पाकिस्तान से संचालित होने का संदेह है) का इस्तेमाल किया गया था और वर्तमान में सभी व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित है।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )