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बांदा: कलयुगी डाक्टर रूपी राक्षस ने मासूम को बना दिया अपाहिज

बांदा मे कलयुगी डाक्टर रूपी राक्षस ने मासूम को बना दिया अपाहिज।

रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज के डाक्टर विनीत की संवेदनहीनता के चलते मासूम को गंवाना पड़ा पैर।

खड़े होकर अपने पिता के आंगन में खेल भी नहीं पायी मासूम।हैवानों ने बना दिया हमेशा हमेशा के लिए विकलांग।

पीड़ित माता पिता ने जिलाधिकारी से लगाई न्याय की गुहार।

आपको बताते चलें कि मामला थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के पडुई गांव निवासी अनिल की पांच वर्षीय पुत्री मानवी २३जनवरी की रात छत से गिर गयी थी जिससे उसके जांघ की हड्डी टूट गई थी और उसे ईलाज के लिए रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया जहां उसका ईलाज विनीत सिंह ने किया और आपरेशन के लिए ३०जनवरी की तारीख नियत की मां का आरोप है कि हमसे पंद्रह हजार रूपए भी आपरेशन के लिए जमा कराए। लेकिन २३ तारीख को डाक्टर ने हमारी बच्ची मानवी का गलत तरीके व टाइट पट्टी बांध देने की वजह से पांव की नसों में ब्लाकिंग हो गई इससे नशों ने काम करना बंद कर दिया और पैर काला पड़ गया सडन पैदा हो गई। लेकिन इस दौरान डाक्टर व उसके वार्ड व्बाय ने एक भी बार चेक नहीं किया। लेकिन जब आपरेशन की नियत तारीख आयी तो पट्टी खोलकर देखा की मानवी का पैर काला पड़ गया सडन पैदा हो गई।आनन फानन में मानवी को लखनऊ मेडिकल कॉलेज के लिए रिफर कर दिया।मानवी के गरीब माता पिता बेचारे मानवी को लेकर लखनऊ पहुंचे और केजीएमयू में भर्ती कराया जहां एक अच्छे डाक्टर की टीम ने बताया कि पैर को गलत तरीके से बांधने व केयर/ईलाज न करने से पैर की नशें ब्लाक हो गई और उन्होंने काम करना बंद कर दिया और पैर में सड़न भी शुरू हो गई है अगर बच्ची की जिंदगी बचानी है तो पैर काटना पड़ेगा।हारे थके मां बाप कर ही क्या सकते थे। और एक भयावह राक्षस की काली करतूत से एक मासूम जिसने अभी तक खड़े हो अपना ठीक से बचपन तक नहीं देखा उसे कलयुगी राक्षस ने हमेशा हमेशा के लिए अपाहिज बना दिया।

दिन मंगलवार को जिलाधिकारी से शिकायत करने आऐ पीड़ित मासूम के माता-पिता ने रो-रोकर जिलाधिकारी को अपना दर्द बताया जिलाधिकारी ने कार्यवाही हेतु मामले में जांच शुरू करा दी है।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )