बताते चलें कि योजना में शामिल सभी प्लॉट का क्षेत्रफल आठ हजार वर्ग मीटर से कम है। प्लॉट का आवंटन प्राधिकरण ई-नीलामी के जरिए करेगा। अब आगे ई-नीलामी में शामिल होने के लिए ऑब्जेक्टिव क्राइटेरिया की परीक्षा 60 प्रतिशत या इससे ज्यादा अंक के साथ पास करनी होगी। 90 अंक का ऑब्जेक्टिव क्राइटेरिया है, जिसमें औद्योगिक विकास व स्थिरता के कई मानक शामिल हैं। प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि फेज-1 के अंतर्गत शहर के सेक्टर-1 से 11 तक शामिल हैं। इसमें से सेक्टर-7, 8 और 10 के 5 प्लॉट योजना में शामिल किए गए हैं।
सेक्टर-7 के डी ब्लॉक, सेक्टर-8 के एफ ब्लॉक एवं सेक्टर-10 के बी ब्लॉक में खाली प्लॉट का आवंटन इस योजना में किया जाएगा। ये प्लॉट 112 से लेकर 1178 वर्ग मीटर तक के हैं। वहीं फेज-2 में बड़े आकार के प्लाट शामिल हैं। यहां 7 प्लॉट सेक्टर-80 और 162 में हैं। इन दोनों सेक्टर में सबसे छोटा प्लॉट 450 वर्ग मीटर का है वहीं क्षेत्रफल में सबसे बड़े 2 प्लॉट 7430 वर्ग मीटर के हैं। ई-निलामी में सेक्टर के रिजर्व प्राइज से अधिक बोली लगानी होगी।