मुंबई के स्वदेशी बाजार का नवीनीकरण: उत्तराधिकार और विकास का मेल
मुंबई के कलबादेवी में स्थित 117 वर्ष पुराना स्वदेशी बाजार नवीनीकरण प्रक्रिया के दौर से गुजरने वाला है, जिसकी घोषणा भाजपा के राज्य अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने की है। इस ऐतिहासिक बाजार के पुनरुद्धार से न केवल व्यापारियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि यह भारत के स्वदेशी आंदोलन की गौरवमयी विरासत की पुनः प्रतिष्ठा भी सुनिश्चित करेगा। चव्हाण ने कहा कि स्वदेशी बाजार का नवीनीकरण निश्चित रूप से होगा और इस प्रक्रिया में किसी भी सदस्य को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से व्यक्तिगत तौर पर इस बात की गारंटी दी। स्वदेशी बाजार के 117वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में चव्हाण ने इस बाजार को मात्र व्यापारिक केंद्र से अधिक बताते हुए इसे देश के स्वदेशी आंदोलन की चमकदार धरोहर करार दिया। उन्होंने महान क्रांतिकारी बाबू गेनू का स्मरण करते हुए बताया कि इसी कलबादेवी क्षेत्र में बाबू गेनू ने विदेशी कपड़ों के ट्रक को रोकते हुए अपना बलिदान दिया था, जो आज भी स्वदेशी भावना के लिए प्रेरणा है।इस अवसर पर स्वदेशी बाजार संगठन के 117 वर्ष के इतिहास को दर्शाने वाला विशेष डाक लिफाफा भी अनावरण किया गया। कार्यक्रम में चव्हाण ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। “मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड” की नीति के अंतर्गत भारतीय उत्पादों को विश्व बाज़ार में स्थापित करने के प्रयास निरंतर जारी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र सरकार इस दिशा में तेजी से काम कर रही है, जिससे राज्य का विकास और अधिक गति से आगे बढ़ेगा। कार्यक्रम में मौजूद मंत्री मंगळ प्रभात लोढा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास मूलक राजनीति ने देश में नई पहचान बनाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में महाराष्ट्र में विकास कार्य तीव्र गति से चल रहे हैं और स्वदेशी बाजार के पुनर्निर्माण का कार्य शीघ्र ही साकार होगा। इस अवसर पर स्वदेशी बाजार संगठन के अध्यक्ष सुमित मेहरा, नवी मुंबई क्षेत्र के डाक प्रमुख सुचिता जैोशी, तथा स्थानीय भाजपा पार्षद आकाश राजपुरोहित और रीता माकवाणा सहित कई गणमान्य नागरिकों ने भी भाग लिया।क्रांतिकारक बाबू गेनू सैद यांनी स्वातंत्र्यलढ्यात विदेशी कपड्यांच्या ट्रकला रोखण्यासाठी बलिदान दिले. स्वदेशीसाठी त्यांचे हे बलिदान आपल्याला आजही प्रेरणा व दिशा देते. त्यांचा हा जाज्ज्वल्य वारसा मुंबईच्या प्रसिद्ध कापड बाजारातील ‘स्वदेशी मार्केट’ ही संस्था गेल्या ११७ वर्षांपासून… pic.twitter.com/2QFf7OoxkD
— Ravindra Chavan (@RaviDadaChavan) May 26, 2026

