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एक शार्ट ओरिजिनट और एक ट्रेन रद

हरिद्वार-मोतीचूर रेल मार्ग पर भूस्खलन के कारण रेल यातायात बाधित हो गया है जिससे सात ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द कर दिया गया है जबकि कुछ को गंतव्य से पहले ही रोक दिया गया। रेलवे प्रशासन ने ट्रैक को ठीक करने का काम शुरू कर दिया है।

हरिद्वार-मोतीचूर के बीच मंगलवार शाम करीब सात बजे किमी संख्या 29/04-05 पर हुए भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के कारण रेल मार्ग बाधित हो गया है। मनसा देवी मंदिर की ओर से यह लैंड स्लाइड हुआ। इससे बरेली और मुरादाबाद समेत उत्तर रेलवे की एक ट्रेन रद हुई हैं। इससे ट्रेनों के इंतजार में बरेली और मुरादाबाद स्टेशन पर भी यात्री परेशान हुए।

रेल प्रशासन के अनुसार, कोई जनहानि नहीं हुई है। कुछ ट्रेनों को आंशिक रूप से समाप्त और कुछ को राहत कार्य पूरा होने पर शुरू किया गया। इस घटना से प्रभावित होने वाली ट्रेनों को लेकर बुलेटिन जारी किया गया है। सूचना है कि मुरादाबाद से डीआरएम संग्रह मौर्य भी हरिद्वार के लिए रवाना हुए। हरिद्वार और देहरादून स्टेशनों पर हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं

चार शार्ट टर्मिनेट, एक शार्ट ओरिजिनट और एक ट्रेन रद

मुरादाबाद स्टेशन पर भी यात्रियों को अनाउंसमेंट सिस्टम, टिकट जांच स्टाफ व व्यापार निरीक्षकों की मदद से जानकारी दी जा रही है। इसके बावजूद स्टेशन पर गाड़ियों का इंतजार कर रहे यात्री परेशानी में नजर आए।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}