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साबित हो रही है विफलता: ईरान युद्ध के बीच पीएम मोदी के ईंधन बचत और सोना न खरीदने के आह्वान पर विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया

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May 11, 2026 #source
‘Proofs of failure’: Opposition on PM Modi’s fuel-saving, avoid gold purchase appeal amid Iran war

साबित हो रही है विफलता: पीएम मोदी के ईंधन बचत और सोना न खरीदने के आह्वान पर विपक्ष की नकारात्मक प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच ईंधन की बचत, सोना खरीद से परहेज और अन्य उपायों को लेकर आम जनता से अपील करने को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ‘‘विफलता के प्रमाण’’ करार दिया है। इस दौरान भारत-पश्चिम एशिया संघर्ष के प्रभावों से निपटने के लिए उनमें राष्ट्रीय जिम्मेदारी निभाने पर जोर दिया गया था।

आधिकारिक तौर पर रविवार को हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने ‘‘राष्ट्रीय रूप से जिम्मेदार’’ जीवनशैली अपनाने की अपील की और संकट के समय ‘‘देश को सर्वोपरि रखने’’ की बात कही। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान अपनाए गए वर्क-फ्रोम-होम नियमों को फिर से लागू करने, गैर-जरूरी विदेश यात्रा से बचने, खाद्य तेल का कम सेवन करने जैसे उपाय सुझाए।

इसके अगले दिन राहुल गांधी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार ने देश को ऐसी स्थिति में ला दिया है जहां नागरिकों को यह बताया जा रहा है कि उन्हें क्या खरीदना है और कहां जाना है। गांधी ने आगे कहा, ‘‘हर बार जब कुछ गलत होता है तो सरकार जिम्मेदारी जनता पर डाल कर अपनी जवाबदेही से बच जाती है। अब देश चलाना एक भ्रष्ट प्रधानमंत्री की पहुंच से बाहर हो गया है।’’

राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे – सोना मत ख़रीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो। ये उपदेश नहीं – ये नाकामी के सबूत हैं। 12 साल में देश को इस मुक़ाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है कि कैसे जीना है।’

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब भारत और विश्व अर्थव्यवस्था के लिए अस्थिरता की स्थितियां बनी हुई हैं। इन्‍हें देखते हुए सरकार ने नागरिकों से संयम और जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करने की अपील की है ताकि आर्थिक संकट के प्रभावों को कम किया जा सके। विपक्ष का तर्क है कि इन अपीलों के बजाय प्रबंधन और नीतिगत सुधारों की आवश्यकता है।

इस प्रकार, प्रधानमंत्री की हालिया अपील पर आम जनता के साथ-साथ राजनीतिक दलों के बीच भी मतभेद स्पष्ट हो गए हैं, जो आगामी राजनीतिक बहसों और नीतिगत निर्णयों के आधार बन सकते हैं।

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Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)