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बारिश की बूँदें और राग: रॉयल महफ़िल में इनडोर जादू

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May 8, 2026 #source
Raindrops and ragas: Royal mehfil finds magic indoors

बरसात की बूंदों के बीच महफ़िल का जादू

जब बीकानेर हाउस पर आकाश खुला, तो एक भव्य दरबार सहजता से एक अंतरंग सभा में बदल गया। इस महफ़िल में उपस्थित दर्शक कथक नर्तकी मंजरी चतुर्वेदी की मनमोहक मुद्राओं और उस्ताद जवाद अली खान की गूंजती आवाज़ से मंत्रमुग्ध हो गए।

महफ़िल की शुरुआत होते ही बारिश की बूँदों ने वातावरण को और भी आकर्षक बना दिया। बीकानेर हाउस, जो अपनी शाही ऐतिहासिकता के लिए जाना जाता है, उस शाम सांस्कृतिक समागम का केंद्र बना। दर्शकों ने भारतीय शास्त्रीय नृत्य और संगीत की सजीव प्रस्तुति का आनंद लिया।

मंजरी चतुर्वेदी ने कथक के पारंपरिक और आधुनिक रंगों को मिलाते हुए अपनी प्रस्तुति दी, जिसमें उनके भाव और कदम दोनों ने दर्शकों को मोहित कर दिया। वहीं, उस्ताद जवाद अली खान की गायकी में संगीत की गहराई और भावपूर्ण अभिव्यक्ति स्पष्ट रूप से झलक रही थी।

यह आयोजन न केवल कला का उत्सव था, बल्कि शास्त्रीय सृजनाओं के प्रति सम्मान और जुड़ाव का प्रतीक था। यह स्थल और माहौल दोनों ने उपस्थित सभी को एक यादगार सांस्कृतिक अनुभव प्रदान किया।

इस तरह की महफ़िलें भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और समृद्धि में एक अहम भूमिका निभाती हैं, जो नई पीढ़ी को पारंपरिक कला रूपों से जोड़ने का अवसर प्रदान करती हैं।

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Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)