सूत्रों के मुताबिक एसआईटी की जांच में नोएडा प्राधिकरण के सिविल, जल व ट्रैफिक सेल तीनों विभागों की लापरवाही उजागर हुई है। सिविल की लापरवाही यह पाई गई है कि खुदे पड़े प्लॉट में नाला ढह गया था और प्लॉट खाई बना हुआ था जिसे खुला छोड़ा गया था। ट्रैफिक सेल की तरफ से ब्रेकर, ब्लिंकर, तीव्र मोड़ संकेतक नहीं लगवाए गए थे। सड़क पर प्रकाश संबंधी प्रबंध नहीं पाए गए थे। सूत्रों के मुताबिक प्राधिकरण की आंतरिक समिति ने माना है कि यह काम जूनियर इंजीनियर और प्रबंधक स्तर के थे। इस स्तर पर काम को लेकर गंभीरता नहीं बरती गई।
नोएडा: ट्रैफिक सेल ,विद्युत यांत्रिक के इंजीनियरों के नाम शासन को भेजकर कार्रवाई की सिफारिश
सूत्रों के मुताबिक एसआईटी की जांच में नोएडा प्राधिकरण के सिविल, जल व ट्रैफिक सेल तीनों विभागों की लापरवाही उजागर हुई है। सिविल की लापरवाही यह पाई गई है कि खुदे पड़े प्लॉट में नाला ढह गया था और प्लॉट खाई बना हुआ था जिसे खुला छोड़ा गया था। ट्रैफिक सेल की तरफ से ब्रेकर, ब्लिंकर, तीव्र मोड़ संकेतक नहीं लगवाए गए थे। सड़क पर प्रकाश संबंधी प्रबंध नहीं पाए गए थे। सूत्रों के मुताबिक प्राधिकरण की आंतरिक समिति ने माना है कि यह काम जूनियर इंजीनियर और प्रबंधक स्तर के थे। इस स्तर पर काम को लेकर गंभीरता नहीं बरती गई।

