NDTV पर ‘थूक जिहाद’ आरोप के कारण नियामक की चेतावनी
समाचार प्रसारण और डिजिटल मानक प्राधिकरण (NBDSA) ने NDTV को एक कार्यक्रम में ‘थूक जिहाद’ शब्द के सामान्यकरण और रूढ़िवादी रूप में उपयोग करने को लेकर चेतावनी दी है। इस कार्यक्रम में एक रसोइया को रोटियों पर थूकते हुए दिखाया गया था।
‘थूक जिहाद’ एक हिंदुत्व साजिश थ्योरी है, जिसमें यह दावा किया जाता है कि मुसलमान जानबूझकर हिंदुओं के भोजन में थूकते हैं ताकि बीमारी फैलायी जा सके। इस आरोप ने समाज में तनाव और विभाजन की स्थिति पैदा की है।
यह मामला तब सामने आया जब दिसंबर 2024 में मेरठ से एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक व्यक्ति रोटी बनाते समय उन पर थूकते दिख रहा था। NDTV ने इस घटना को ‘थूक जिहाद’ करार दिया और यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं अन्य जगहों से भी सामने आ रही हैं। चैनल ने बाद में स्वयं इस वीडियो को हटा दिया था। उन्होंने यह दावा किया कि ‘जिहाद’ शब्द का उपयोग किसी विशेष समुदाय को आरोपित करने हेतू नहीं किया गया था।
हालांकि, नियामक ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि शब्द स्वयं एक निहित अर्थ रखता है, जो समाज में नफरत और गलतफहमियों को बढ़ावा देता है। इस तरह के दावे सामाजिक सद्भाव के लिए खतरा पैदा करते हैं और उनके प्रसारण पर नियंत्रण आवश्यक है।
इसी संदर्भ में, हिंदुत्व विचारधारा ने एक बार फिर एक नए विषय — ‘जिम जिहाद’ को लेकर नए आरोप लगाए हैं, जो समाज में विवादों को जन्म दे रहा है।
असम सरकार ने यूनिफॉर्म सिविल कोड पर बिल पेश किया
असम में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने विधानसभा में यूनिफॉर्म सिविल कोड से संबंधित एक बिल पेश किया है, जिसका उद्देश्य बहुविवाह पर रोक लगाना और लिव-इन रिलेशनशिप की पंजीकरण अनिवार्य करना है। यह बिल बुधवार को चर्चा के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।
बिल के तहत लिव-इन रिलेशनशिप को पंजीकृत करना अनिवार्य होगा, जिससे परिवारिक और कानूनी मुद्दों में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। बिल का मकसद सामाजिक व्यवस्था को सशक्त और एकीकृत बनाना है।
यह प्रयास विभिन्न धार्मिक और सामाजिक समूहों के बीच समरसता और न्याय सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है। नई व्यवस्था से परिवारिक विवादों का समाधान संभव होगा और सामाजिक नियमों का सख्ती से पालन होगा।
अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विधायी घोषणाओं और सरकारी अधिसूचनाओं का पालन करें।