प्रत्येक सीएचसी पर दो से तीन पंजीकरण काउंटर बनाने की योजना है। बिसरख, दादरी और भंगेल जैसे केंद्रों पर रोजाना 900 से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। मैनुअल पंजीकरण में अधिक समय लगता है, जिससे मरीजों को इंतजार करना पड़ता है। बता दें कि बीते साल भी कंप्यूटराइज्ड पंजीकरण की योजना बनी थी, लेकिन इसकी शुरुआत नहीं हो सकी थी
नोएडा: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में मरीजों का कंप्यूटराइज्ड पंजीकरण होगा
प्रत्येक सीएचसी पर दो से तीन पंजीकरण काउंटर बनाने की योजना है। बिसरख, दादरी और भंगेल जैसे केंद्रों पर रोजाना 900 से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। मैनुअल पंजीकरण में अधिक समय लगता है, जिससे मरीजों को इंतजार करना पड़ता है। बता दें कि बीते साल भी कंप्यूटराइज्ड पंजीकरण की योजना बनी थी, लेकिन इसकी शुरुआत नहीं हो सकी थी

