प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार करीब आधे घंटे तक सड़क पर तांडव चलता रहा। बरात में शामिल लोग और राहगीर सहमे खड़े तमाशबीन बने रहे। कई लोग मोबाइल से वीडियो बनाते रहे, लेकिन किसी ने बीच-बचाव की हिम्मत नहीं जुटाई। हमलावर पीड़ितों को जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, हालांकि दैनिक जागरण इसकी पुष्टि नहीं करता। हमले में देशराज गंभीर रूप से घायल हैं। वीरेंद्र के दोनों पैरों और सिर में गंभीर चोट आई है। राजेंद्र के सिर, दोनों हाथ-पैर और कान में गहरी चोटें हैं। श्रीनिवास की पसलियों में फ्रैक्चर बताया जा रहा है, जबकि जगदीश के सिर और पैर में तथा अजीत के हाथों में गंभीर चोटें आई हैं। सभी घायलों को पहले दादरी से ग्रेटर नोएडा के कैलाश अस्पताल ले जाया गया, जहां तीन की हालत नाजुक बनी हुई है। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल
घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। आरोपियों के तांडव से कुछ वाहनों को भी क्षति पहुंची है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस न पहुंचती तो हालात और भयावह हो सकते थे। पुरानी रंजिश के चलते इस तरह खुलेआम सड़क पर हुई हिंसा ने कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई की बात कह रही है। पुलिस ने 49 नामजद और 15 अज्ञात के खिलाफ हत्या के प्रयास के तहत दर्ज किया मामला
पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने 49 नामजद और 15 अज्ञात के खिलाफ हत्या के प्रयास, बलवा, अवैध हथियार रखने समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। रिपोर्ट में लीला पुत्र जगपाल, बलबीर, तेजपाल, सतवीर, जगन, मदन, कृष्ण, जितेंद्र, वीरे, राजीव, राजू, भूपेंद्र, साबू, प्रीत, विनीत, सुमित, अजीत, सोनू, मोनू, सतीश, गौरव, सौरव, योगेश, हरेन्द्र, राजेंद्र, अभिषेक, अभितोष, तनिष्क, नीरज, बिजेंद्र, लाला उर्फ राजकुमार सहित अन्य को नामजद किया गया है। आरोप है कि कुछ के हाथों में पिस्टल और राइफल भी थीं, जबकि अन्य लाठी, हाकी और सरिया से लैस थे।

