• Wed. Apr 15th, 2026

‘असंवैधानिक’: विपक्ष का कहना है कि सीमांकन से दक्षिणी राज्यों की आवाज़ कमजोर नहीं होनी चाहिए

Byadmin

Apr 15, 2026
‘Unconstitutional’: Opposition says delimitation must not weaken voice of southern states

असंवैधानिक सीमांकन प्रस्ताव: विपक्ष ने केंद्र सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल

केंद्रीय सरकार द्वारा लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए पेश किये गए तीन विधेयक विपक्ष ने असंवैधानिक करार देते हुए कहा है कि इससे संसद में दक्षिणी राज्यों की आवाज कमजोर होगी।

गुरुवार से शुरू हो रहे विशेष सत्र में केंद्र सरकार तीन विधेयक पेश करेगी जिनमें निर्वाचन क्षेत्रों के सीमांकन को लेकर प्रावधान हैं। ये बिल महिलाओं के लिए संसद और विधानसभा में आरक्षण की व्यवस्था को शीघ्र लागू करने के उद्देश्य से लाई गई हैं।

निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं को निर्धारित करने की प्रक्रिया को सीमांकन कहा जाता है। प्रस्तावित बिलों के अनुसार लोकसभा की सदस्य संख्या 543 से बढ़ाकर 850 की जाएगी, जिसमें से 815 सदस्य राज्यों से और 35 केन्द्रशासित प्रदेशों से होंगे।

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर बयान देते हुए कहा कि ये विधेयक “अत्यंत अनुचित” समय पर लाए गए हैं और नरेंद्र मोदी सरकार को इस पर जवाब देना होगा। वेणुगोपाल ने कहा, “महिला आरक्षण को लेकर आड़ लेकर भाजपा एक गंभीर रूप से दोषपूर्ण, असंवैधानिक और संघीय ढांचे के खिलाफ सीमांकन प्रक्रिया को थोपना चाहती है। इसे इतनी अल्प सूचना में लाने की क्या जल्दी थी?”

अलप्पुझा सांसद ने यह भी कहा कि दो महत्वपूर्ण राज्यों में चुनाव होने वाले हैं और ऐसे में विशेष सत्र बुलाकर यह विधेयक पेश करना इस कट्टरपंथी शासन की मंसूबों को उजागर करता है।

तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव भी समीप हैं, जिसके मद्देनजर यह कदम विपक्ष के लिए चिंता का विषय है।

इस विवादित सीमांकन प्रक्रिया को लेकर विपक्ष ने कहा है कि अगर इसे लागू किया गया तो दक्षिण की राज्यों की प्रतिनिधित्व क्षमता और उनकी संसद में आवाज कम हो जाएगी, जिससे संघीय समीकरण प्रभावित होंगे।

इस प्रस्तावित विधेयक पर संसद में आगामी बहस में सभी पक्षों की सुनवाई आवश्यक मानी जा रही है ताकि लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत बनाए रखा जा सके।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)